BREAKING NEWS

आज का राशिफल ( 28 मई 2022)◾आर्यन खान ड्रग्स मामला : NCB ने क्रूज मामले की बेहद ढीली जांच की - SIT◾RR vs RCB ( IPL 2022) : बटलर के चौथे शतक से राजस्थान रॉयल्स फाइनल में , 29 मई को गुजरात से होगा मुकाबला ◾राजनाथ ने भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस घड़ियाल के चालक दल से बात की◾केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गाँधी पर साधा निशाना◾CBI ने ‘वीजा रिश्वत’ मामले में कार्ति चिदंबरम से आठ घंटे पूछताछ की◾मंकीपॉक्स की चपेट में आए 20+ देश! जानें कैसे फैल रही यह बिमारी.. WHO ने दी अहम जानकारियां ◾ Ladakh News: लद्दाख दुर्घटना को लेकर देशवासियों को लगा जोरदार झटका, पीएम मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने जताया दुख◾ UCC लागू करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बढ़ाया कदम, CM धामी बताया कब से होगा लागू◾UP News: योगी पर प्रहार करते हुए अखिलेश यादव बोले- यूपी को किया तहस नहस! शिक्षा व्यवस्था पर भी कसा तंज◾ Gyanvapi Case: सोमवार को हिंदू और मुस्लिम पक्ष को मिलेंगी सर्वे की वीडियो और फोटो◾ RR vs RCB ipl 2022: राजस्थान ने टॉस जीतकर किया गेंदबाजी का फैसला, यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग XI◾नेहरू की पुण्यतिथि पर राहुल गांधी का मोदी पर प्रहार, बोले- 8 सालों में भाजपा ने लोकतंत्र को किया कमजोर◾Sri Lanka crisis: आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका में निजी कंपनियां भी कर सकेगी तेल आयात◾ नजर नहीं है नजारों की बात करते हैं, जमीं पे चांद सितारों की बात करते...शायराना अंदाज में योगी का विपक्ष पर निशाना ◾Ladakh Accident News: लद्दाख के तुरतुक में हुआ खौफनाक हादसा, सेना की गाड़ी श्योक नदी में गिरी, 7 जवानों की हुई मौत◾ कर्नाटक में हिन्दू लड़के को मुस्लिम लड़की से प्यार करने की मिली सजा, नाराज भाईयों ने चाकू से गोदकर की हत्या◾कांग्रेस को मझदार में छोड़ अब हार्दिक पटेल कर रहे BJP के जहाज में सवारी की तैयारी? दिए यह बड़े संकेत ◾RBI ने कहा- खुदरा महंगाई पर दबाव डाल सकती है थोक मुद्रास्फीति की ऊंची दर◾ SC से सपा नेता आजम खान को राहत, जौहर यूनिवर्सिटी के हिस्सों को गिराने की कार्रवाई पर रोक◾

बलबीर सिंह एवं हरमीत सिंह ने पंजाब चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद टिकैत ने चुनाव को लेकर ये किया ऐलान

कृषि कानूनों की वापसी के बाद एक तरफ संयुक्त किसान मोर्चा में किसान आंदोलन को खत्म करने को लेकर मंथन जारी है, वहीं पंजाब के कुछ किसान नेता मोर्चा बना कर विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी भी कर रहे हैं।  मीड़िया रिपोर्टस के अनुसार इस बात का खुलासा खुद किसान सभा के नेता कुलवंत सिंह संधू ने किया।

 किसान नेताओं बलबीर सिंह राजेवाल एवं हरमीत सिंह कादियान के पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि यह पंजाब के किसान नेताओं का निजी फैसला है, जिससे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का कोई लेना-देना नहीं है और वह पंजाब में चुनाव लड़ने वाले किसान नेताओं के लिए प्रचार करने नहीं जाएंगे। पंजाब के 22 किसान संगठनों ने शनिवार को एक राजनीतिक मोर्चा बनाया और घोषणा की कि वे ‘‘राजनीतिक बदलाव’’ के लिए आगामी राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। ये 22 किसान संगठन पंजाब के उन 32 किसान संगठनों में से हैं, जिन्होंने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।

हालांकि, कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले एसकेएम ने स्पष्ट किया है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहा है। किसान नेता हरमीत सिंह कादियान ने कहा था कि पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया गया है और भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के बलबीर सिंह राजेवाल संयुक्त समाज मोर्चा के नेता होंगे।

राकेश टिकैत ने  प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भाकियू के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर तो कुछ स्पष्ट नहीं कहा, लेकिन ;यह जरूर कहा कि ‘‘वह ना तो कोई चुनाव लड़ेंगे और ना ही पार्टी बनाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि उनके परिवार से भी कोई भी व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ेगा। जब टिकैत से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में भाकियू का रुख क्या रहेगा, तो उन्होंने कहा कि वह आचार संहिता लागू होने के बाद ही आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।

उल्लेखनीय है कि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने जुलाई में मुजफ्फरनगर के सिसौली में कथित तौर पर कहा था, ‘‘सभी राजनीतिक दलों को देख लिया। जब इनकी सरकार आती है, तो ये किसानों की नहीं सुनते, इसलिए आगामी विधानसभा चुनावों में भाकियू अपने उम्मीदवार उतारेगी। किसान प्रत्याशियों को टिकट दिए जाएंगे।’’ समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल में एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत को आगामी विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ने का निमंत्रण दिया था, लेकिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इसे ठुकरा दिया था।

गौरतलब है कि मेरठ में अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ राकेश टिकैत का पोस्टर लगाया गया था, जिसे भाकियू के विरोध के कारण बाद में हटा दिया गया। राकेश टिकैत ने 2007 में भारतीय किसान दल से खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह अपनी जमानत भी नहीं बचा सके थे। उन्होंने 2014 में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के टिकट पर अमरोहा संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन यहां भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था।