BREAKING NEWS

PM मोदी ने लांच किया 'ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन ऑनरिंग द ऑनेस्ट', देशवासियों से की आगे बढ़कर कर भुगतान की अपील ◾श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास कोरोना वायरस से संक्रमित◾देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 66,999 नए केस, मृतकों का आंकड़ा 47 हजार पार◾प्राइवेट ट्रेन चलाने के लिए इन 23 कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी, जानें क्या है रेलवे की डिमांड ◾कोविड 19 - दुनियाभर में वायरस संक्रमण से मौतें 7.47 लाख और मामले 2 करोड़ से अधिक◾प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत सिंह राजपूत के बॉडीगॉर्ड को भेजा समन, पूछताछ के लिए बुलाया ◾दिल्ली - एनसीआर में रातभर हुई मूसलाधार बारिश से जगह - जगह जलभराव, आज दिन भर का अलर्ट◾कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी के निधन पर प्रियंका ने जताया दुख, राहुल बोले : पार्टी ने ‘बब्बर शेर’ खो दिया◾कोरोना वायरस के कारण फीका-फीका रहा ब्रज में कृष्ण जन्मोत्सव, भक्तों ने ऑनलाइन किये दर्शन ◾कोरोना संकट के बीच वाराणसी में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के सामूहिक इस्तीफे से मचा हड़कंप ◾महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 12,712 नए मामले, 344 मरीजों ने गंवाई जान ◾भाजपा विधायक के साथ थाने में मारपीट पर यूपी सरकार का एक्शन, थानाध्यक्ष को निलंबित करने के आदेश ◾कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी का दिल का दौरा पड़ने से निधन, शाम 5 बजे की थी लाइव डिबेट ◾दिल्ली : पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1113 नए केस की पुष्टि, संक्रमितों की संख्या 1 लाख 49 हजार के करीब ◾अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा में पाकिस्तान ने की भारत के साथ तनाव कम कराने की अपील ◾भारत में कोरोना से स्वस्थ होने की दर 70 प्रतिशत से अधिक हुई, एक दिन में रिकॉर्ड 56,110 मरीज हुए ठीक ◾सुशांत मामले में बोले शरद पवार-मुझे मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा, CBI जांच का नहीं करूंगा विरोध◾बेंगलुरू हिंसा को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा-क्या सो रही थी येदियुरप्पा सरकार◾NCP नेता माजिद मेमन का ट्वीट, सुशांत अपने जीवनकाल में उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितने मरने के बाद◾बेंगलुरु हिंसा के दौरान मुस्लिम युवाओं ने पेश की एकता की मिसाल, मानव श्रृंखला बनाकर उपद्रवियों से बचाया मंदिर◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

छत्तीसगढ़ में तकरार के बाद भिड़े जवानों के खूनी खेल में मुल्लापुर दाखां का दलजीत सिंह हुआ शिकार

लुधियाना-मुल्लांपुर : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर इलाके में बुधवार को आई.टी.बी.पी के जवानों की आपसी मुठभेड़ के दौरान एक जवान की अंधाधुंध फायरिंग के कारण अपने 5 साथियों को मार दिए जाने की खबर के बीच लुधियाना के मुल्लापुर इलाके में स्थित गांव जंगपुर में शोक सी लहर है। उपरोकत वारदात में इसी गांव का 42 वर्षीय दलजीत सिंह सुपुत्र महरूम सूबेदार गुरदेव सिंह भी शामिल था, जो एक माह पहले ही गांव से छुटटी काटकर डयूटी के लिए छत्तीसगढ़ गया था। 

हालांकि आई.टी.बी.पी के  45वी बटालियन में मौका-ए-वारदात के दौरान अंधाधुंध फायरिंग के बाद कातिल जवान ने स्वयं को गोली मारकर जीवन लीला खत्म कर ली लेकिन बेकसूर शहादत का जाम पीने वाले सिपाहियों के परिवारों की दशा दयनीय है।   दलजीत सिंह के परिवार को उसकी अगली छुट्टियों का इंतजार था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत का समाचार परिवार के साथ पूरे गांव को स्तब्ध कर गया। 

बुधवार दोपहर तक परिवार को उसकी मौत संबंधी कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन जब मीडिया की टीमों ने पीडि़त परिवार के घर पहुंचना शुरू किया तो बेखबर बैठे सदस्यों के होश उड़ गए। दलजीत का बड़ा भाई मनजीत सिंह भी फौज में है, जो इन दिनों छुट्टी पर आया हुआ है। घर में वो और उसकी पत्नी मौजूद थीं। 

दलजीत के बड़े भाई मनजीत सिंह इन दिनों असम में तैनात हैं। अपने छोटे भाई की बेवक्त मौत के बाद दुखी मन से मनजीत सिंह ने कहा कि बहुत अच्छा होता अगर उसका भाई दुश्मन की गोली से शहादत का जाम पीता। लेकिन अफसोस है, उसके नजदीकी साथी ने ही उसे साथियों के संग भून डाला, जो बेहद दुखद है। उसने रूद्र भरे मन से कहा कि लगता है कि आजके बाद उनके खानदान का सदस्य या वारिस देशसेवा के लिए सेना में भर्ती नहीं होगा।

मृतक जवान की पत्नी हरप्रीत कौर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में असिस्टेंट लाइब्रेरियन हैं। भाई की मौत का पता चलते ही मनजीत सिंह उन्हें लेने के लिए पीएयू चला गया। कुछ ही पल में यह खबर पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह फैल गई। गांव में पीड़ति परिवार के साथ हमदर्दी जताने वालों का तांता लगा रहा।

मृतक दलजीत सिंह की बेटी जैसमीन कौर (12) पांचवी कक्षा और बेटा बरिंदरजीत सिंह (9) है। दोनों ही जगराओं स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल में पढ़ते हैं। मौत से ठीक एक दिन पहले दलजीत सिंह ने अपने घर फोन करके परिवार के साथ बात की थी। उस दौरान उसके बेटे बरिंदरजीत सिंह और बेटी जैसमीन कौर ने उससे मोबाइल फोन लेकर देने की मांग की थी। दलजीत ने वादा किया था कि अगली बार वो छुट्टी पर घर आएगा तो उन्हें फोन जरूर लेकर देगा। उसकी बात से बच्चे बेहद खुश थे। दलजीत की दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।

पिता गुरदेव सिंह भी आइटीबीपी में जवान थे। 1999 में ड्यूटी करते समय वो गंभीर रूप से बीमार हो गए। इलाज के लिए उन्हें डीएमसी लुधियाना में भर्ती कराया गया, लेकिन उनका देहांत हो गया। पिता की मौत के बाद 2003 में दलजीत सिंह को आईटीबीपी में नौकरी मिली थी। बहरहाल परिवारिक सदस्यों को इंतजार है कि वे दलजीत सिंह की मृतक देह का, ताकि अपने हाथों उनके आखिरी दर्शन करके अंतिम संस्कार कर सकें। 

- सुनीलराय कामरेड