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‘भारत बंद ’ का पंजाब में आंशिक असर, अमृतसर और लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने रोकी ट्रेनें, मुसाफिर हुए परेशान

लुधियाना-अमृतसर : ‘भारत बंद ’  के दिए गए आहवान के मध्य नजर आज जिला अमृतसर के कस्बा उठियां के बाजार और दुकानें मुकम्मल तौर पर बंद रही और वही आज अलग-अलग जत्थेबंदियों द्वारा ‘भारत बंद’  के बुलावे के अंतर्गत पटियाला में अलग-अलग जत्थेबंदियों ने धरना प्रदर्शन कि या। अमृतसर के रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों की गिनती में प्रदर्शनकारियों ने भंडारी पुल के पास ट्रैक पर आकर ट्रैक को ब्लोक कर दिया। 

हालांकि रेलवे सुरक्षा फोर्स और पुलिस ने उन्हें समझाने का कई बार प्रयास किया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर आने और जाने वाली गाडिय़ों की आवाजाही रूक गई और मुसाफिर दूर रेल गाड़ी होने के कारण पैदल ही पहुंचे। 

उधर अमृतसर के बैस स्टैंड पर भी ऐसा ही कुछ हाल था, जहां लोग पंजाब रोड़वेज कंडक्टर वर्कर यूनियन और प्राइवेट बस आप्रेटरों की भिडंत में बस सर्विस प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगे दोहराते हुए मोदी सरकार के साथ-साथ पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें पूरी ना की तो भविष्य में बड़ा प्रदर्शन किया जाएंगा। 

इसके अलावा तलवंडी साबो क्षेत्र में और उसके आसपास लगते इलाकों में  ‘भारत बंद ’  का असर मिला-जुला रहा। ‘भारत बंद ’ के आहवान की कॉल को देखते हुए दोधी यूनियनों में भारत बंद का समर्थन किया हुआ था, जिस कारण पंजाब के कई इलाकों में दूध का कारोबार काफी प्रभावित दिखा। इस दौरान दूध का कारोबार नहीं हुआ। जबकि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में ट्रेड और बैंक यूनियनों द्वारा भारत बंद के आहवान होने के बावजूद वाघा पुराना और जंडियाला गुरू के अधिकांश बाजार खुले दिखे। हालांकि सरकारी और प्राइवेट बसें आम दिनचर्या की भांति चलती दिखी। बाजारों में लोग रोजमर्रा की तरह खरीद-फरोख्त करते दिखे। 

उधर किसान जत्थेबंदियों द्वारा ‘भारत बंद ’ के मध्यनजर विशेषकर ग्रामीण भारत का लेकर इसका असर सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में कम ही दिखाई दिया। गांवों में दूध की डॉयरीया, सब्जियों समेत अन्य दुकानें हमेशा की तरह खुली थी। प्राइवेट बसें सवारियां ले जाती दिखाई दी। सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थान भी आम दिनों की तरह खुले थे जबकि जालंधर, लुधियाना में मिला-जुला असर देखने को मिला। सरकारी बसें बंद थी किंतु प्राइवेट बसें चलती रही। रेलवे के लालवर्दीधारी कुली युनियन के सदस्यों ने भी आज के भारत बंद को समर्थन दिया और वह धरने पर बैठे हुए थे। 

गुरू की नगरी अमृतसर में बंद को भरपूर समर्थन मिला। इसी के तहत ट्रेड यूनियन, कर्मचारी संघ, मजदूर, किसान और विद्यार्थी बड़ी संख्या में भंडारी पुल के नजदीक इकटठे होकर केंद्र सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते दिखे।  विभिन्न संगठनों ने हाईवे और रेल रोकने की घोषणा कर रखी है। अमृतसर और लुधियाना जैसे बड़े शहरों में प्रदर्शनकारियों द्वारा ट्रेनों को रोककर प्रदर्शन किया।

जालंधर में पनबस के मुलाजिमों ने भी हड़ताल को समर्थन देते हुए बसें नहीं चलाने की घोषणा कर दी है। इसके लिए मुलाजिमों ने बाकायदा रोडवेज के जीएम को लिखित में जानकारी दे दी है। मुलाजिमों ने चेतावनी भी दी है कि अगर रोडवेज ने बसों का संचालन किया तो इसके कारण होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी विभाग की होगी। इसकी पुष्टि यूनियन के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, महासचिव चानन सिंह एवं चेयरमैन विक्रमजीत सिंह ने की है। हड़ताल का समर्थन करते हुए भगत सिंह ऑटो यूनियन ने भी हड़ताल पर रहने की घोषणा की।

जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन सहित सभी यूनियनों के कर्मचारीयों ने काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हर एक प्लेटफार्म पर जाकर यात्रियों को भी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए समर्थन की मांग करते दिखे।

अमृतसर में भी रेलवे स्टेशन पर ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने धरना देकर रेल आवाजाही ठप रखी। वहीं लुधियाना में भी प्रदर्शनकारियों ने ग्यासपुरा रेलवे फाटक के पास रेल ट्रैक जाम कर दिल्ली से कटरा जाने वाली मालवा एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी को भी रोका गया।

दोपहर साढ़े 12 बजे आंदोलनकारियों ने अमृतसर में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। ये लोग पटरियों पर बैठे हैं, वहीं ट्रेनों का आगवामन बाधित किया।

इधर 1 बजे लुधियाना में भी ग्यासपुरा रेलवे फाटक के पास प्रदर्शनकारियों ने रेल ट्रैक जाम कर दिल्ली से कटरा जाने वाली मालवा एक्सप्रेस को रोक दिया। इसी जगह पर एक मालगाड़ी को भी रोक दिया। आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रेल ट्रैक से हटाने की जुगत में जुटी रही, जिसे कई घंटों बाद खोला गया । 

दूसरी ओर लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर अंबेडकर भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने रोष प्रदर्शन किया। वहीं भारत नगर चौक पर भी सभी बैंकों के यूनियनों के लीडरों ने केंद्र सरकार की निंदा की। इसके अलावा जगह-जगह प्रदर्शन जारी है।

अमृतसर में भी ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर शहर की विभिन्न ट्रेड यूनियनों, बैंकों और रोडवेज के कर्मचारियों में रोष प्रदर्शन में हिस्सा लिया। गुरु नानक देव अस्पताल और आयकर विभाग के कर्मचारियों ने भी इन प्रदर्शनों को समर्थन दिया है।

तरनतारन में हड़ताल का अच्छा खासा असर देखने को मिल रहा है। मांगो को लेकर सरकारी विभागों के मुलाजिमों ने केंद्र सरकार खिलाफ जमकर प्रदर्शन शुरू करते पुतले जलाने शुरू कर दिए हैं। सुबह के समय शहर में आवाजाही काफी काम रही। सिविल अस्पताल में भी  मरीजों की आमद नहीं हुई। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर पहले की यात्रियों की भीड़ देखने को नहीं मिली।

गुरदासपुर जिले में बंद का मिलाजुला असर देखने के मिल रहा है। शहर के मुख्य बाजारों में दुकाने खुली हैं। लेकिन कलानौर सहित कुछ कस्बों में पूर्ण बंद देखने को मिल रहा है। जबकि पठानकोट इलाके में बंद का असर ना के बराबर था। बाजार सामान्य की तरह खुले थे। ऑफिस में भी रोजाना की तरह कामकाज होता रहा। कुछेक संगठन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।  शहर में सरकारी बस सेवाएं बंद। प्राइवेट बस सेवा चल रही है।

- सुनीलराय कामरेड