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शताब्दी रोकने के मामले में जिला लुधियाना के कांग्रेस प्रधान गुरप्रीत गोगी गिरफ्तार

लुधियाना : लुधियाना रेलवे पुलिस ने कांग्रेस के जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह गोगी को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह अपनी घुमार मंडी स्थित रिहायश में थे। जानकारी के अनुसार दो साल पहले मई 2015 में किसानों के समर्थन में लुधियाना रेलवे ट्रैक पर धरना-प्रदर्शन करते समय जन शताब्दी को रोकने और रेल यातायात अवरूद्ध करने के मामले में आपीएफ ( रेलवे प्रोटेक्शन पुलिस-फोर्स ) ने आज जिला कांग्रेस कमेटी लुधियाना शहरी के प्रधान गुरप्रीत गोगी को गिरफ्तारी कर लिया। आरपीएफ के इंस्पेक्टर विनोद कुमार व सब इंस्पेक्टर विश्राम मीणा की अगुवाई तले पुलिस टीम ने गोगी के घुमार मंडी एरिया स्थित निवास स्थान से गिरफतार किया तथा उन्हें आरपीएफ के मुख्यालय में ले आई है। बताया जाता है कि आरपीएफ इस मामले में पिछले दो साल से गोगी को हिरासत में लेने का प्रयास कर रही थी लेकिन अब इस मामले में सख्ती बरतते हुए उसे आज गिरफतार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि किसानों के समर्थन व राज्य में अमन कानून की बिगड़ती स्थिति के विरोध में तात्कालीन अकाली भाजपा की बादल सरकार को घेरने के लिए प्रदेश कांग्रेस के रेल रोको की काल पर ट्रेन रोकने के आरोप में गुरप्रीत गोगी समेत सौ लोगों पर केस दर्ज किया गया था। कांग्रेसियों ने गुरूद्वारा दु्रखनिवारण के पास शताब्दी एक्सप्रैस को रोका था। इस मामले में रेलवे अधिकारियों से मीमो जारी होने के बाद कानूनी कार्रवाई करते हुए आरपीएफ ने रेलवे एक्ट की धारा 147 व 174 के तहत मामला दर्ज किया था। इन धाराओं के तहत आरोप साबित होने पर अढाई साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। इस प्रदर्शन की रेलवे ने बाकायदा वीडियो भी बनवाई थी ताकि टै्रनें रोकने वालों पर सख्ती की जा सके।

हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि 2015 के दौरान पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार मौजूद थी। इस दौरान मामला दर्ज होने के बावजूद गोगी को गिरफ्तार नहीं किया गया लेकिन आज सूबे में कांग्रेस की सरकार 6 महीनों से होने के बावजूद गोगी को गिरफतार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गोगी की गिरफतारी की विरोधता दर्ज करवाते हुए पुलिस की कार्यवाही में विध्र डालने का प्रयास भी किया। इस दौरान गिरफतारी के वक्त उन्होंने पुलिस पार्टी के विरूद्ध नारेबाजी भी की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा 2015 में किसानों की आत्महत्याओं के विरूद्ध रेल रोकों आंदोलन का आहवाहन किया गया था।

उन्होंने अपनी गिरफ्तारी पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि पंजाब में किए गए रेल रोकों आंदोलन के संबंध में केवल लुधियाना कांग्रेस और विशेषकर उन्हें ही निशाना बनाकर गिरफतार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि रेल रोकने का यह कार्यक्रम किसानों के समर्थन में उतरना था क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की मांगों के प्रति बेरूखी अपनाई है। उन्होंने आरोप लगाए कि उनकी गिरफतारी केंद्र सरकार के इशारे पर की गई है।

- सुनीलराय कामरेड