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पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी मामले की ढिलाई से जांच के कारण न्याय में हुई देरी: नवजोत सिंह सिद्धू

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बरगाड़ी में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी मामले की ढिलाई से जांच के कारण न्याय में देरी हुई। उनका गुस्सा राज्य की अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रतीत होता है। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कोटकपुरा और बहबल कलां में 2015 में चलाई गई गोली की घटना में पंजाब पुलिस की एसआईटी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जान की बात दोहराई। 

सिद्धू ने कुछ दिन पहले फरीदकोट जिले में गुरुद्वारा बुर्ज जवाहर सिंह वाला के दौरे के वक्त यह मांग उठाई थी जहां से 2015 में सिखों के पवित्र ग्रंथ की प्रति चुरा ली गई थी जिसके बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे। अमृतसर पूर्व से विधायक सिद्धू ने यह मांग उठाई थी जब कुछ दिन पहले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में हुई विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और राज्य सरकार से सिंह के बिना नयी एसआईटी का गठन करने के लिए कहा था। 

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजीत सिंह जांच आयोग का संदर्भ देते हुए उन्होंने शुक्रवार को पटियाला में संवाददाताओं से कहा कि दोषियों को नामित किया गया और उनके खिलाफ संज्ञेय अपराध बताए गए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर अपने ही सरकार को निशाना बनाते हुए कहा, “जब अपराध और उसमें शामिल लोगों को पहचान लिया गया है, तो कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?” 

उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई व्यवस्था के खिलाफ है, “जो हमें विफल कर रही है। मेरी लड़ाई निजी नहीं है।” बेअदबी के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग आज भी न्याय पाने की उम्मीद में हैं और सच तो यह है कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी है।”