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क्या ब्रिटेन प्रिंस हैरी ने पंजाब की लड़की से किया था शादी का वादा, अदालत ने सपने को किया चकनाचूर

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने ब्रिटेन के प्रिंस हैरी से विवाह करने के पलविंदर कौर के सपने को चकनाचूर कर दिया। पेशे से वकील पलविंदर कौर खुद अपने मुकदमे की वकालत करने पेश हुई थीं और उन्होंने विवाह करने का ‘‘वादा पूरा नहीं करने’’ को लेकर प्रिंस हैरी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी वारंट की मांग की थी। 

न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान की अदालत ने महिला वकील के प्रति सहानुभूति जतायी लेकिन उनकी याचिका आठ अप्रैल को खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता की बातें सुनने के बाद मुझे यह याचिका और कुछ नहीं बल्कि प्रिंस हैरी से शादी करने का दिवास्वपन लगती है।’’ 

उन्होंने यहां तक भी कहा कि यह तथा-कथित प्रिंस हैरी हो सकता है कि पंजाब के किसी गांव के साइबर कैफे में बैठा हो। शादी के संबंध में यह कथित वादा महिला वकील से एक ई-मेल के जरिए किया गया था। 

याचिकाकर्ता नामों को लेकर भी कुछ भ्रम में हैं और उन्होंने प्रिंस हैरी की भाभी केट मिडलटन के नाम के साथ उनके नाम को मिला दिया है। महिला वकील ने ब्रिटेन निवासी प्रिंस चार्ल्स मिडलटन के बेटे प्रिंस हैरी मिडलटन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

महिला ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह ब्रिटिश पुलिस को हैरी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दे। साथ ही उसने प्रिंस हैरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की भी मांग की ताकि उनके विवाह में कोई देरी ना हो। लेकिन इन सभी दलीलों का एकल पीठ पर कोई असर नहीं हुआ। 

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा, ‘‘यह याचिका व्याकरण और अनुरोध करने के ज्ञान, दोनों ही दृष्टिकोण से बहुत खराब है और इसमें याचिकाकर्ता और प्रिंस हैरी के बीच किसी ईमेल की बात की गयी है जिसमें उक्त व्यक्ति ने ईमेल भेजकर जल्दी ही विवाह करने का वादा किया है।’’ 

अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह ब्रिटेन गयी हैं, तो उसने कहा कि नहीं वह नहीं गयी है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बातचीत सोशल मीडिया के माध्यम से हुई है और उसने प्रिंस चार्ल्स को भी संदेश भेजा है कि उसकी उनके बेटे के साथ सगाई हो चुकी है। 

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह बात सभी जानते हैं कि फेसबुक, ट्विटर आदि सोशल मीडिया साइटों पर फर्जीखाते खोले जाते हैं और ऐसी बातचीत की सत्यता पर यह अदालत भरोसा नहीं कर सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसकी पूरी-पूरी संभावना है कि यह तथा-कथित प्रिंस हैरी पंजाब के गांव के किसी साइबर कैफे में बैठा हो और अपने लिए अच्छी संभावनाएं तलाश रहा हो।’’ 

अदालत ने कहा,‘‘ अदालत को इस याचिका पर संज्ञान लेने का कोई आधार नहीं मिला है और वह याचिकाकर्ता के साथ केवल सहानुभूति ही जता सकती है कि उसने ऐसी फर्जी बातचीत को सच मान लिया। लिहाजा, याचिका खारिज की जाती है।’’