लुधियाना- अमृतसर : शिददत के साथ इंतजार के बीच आखिर आज दोनों पड़ोसी मुलक भारत-पाकिस्तान के मध्य श्री करतारपुर साहिब लांघे के बारे में द्विपक्षीय वार्तालाप संपन्न हो गई। डेरा बाबा नानक में करतारपुर साहिब के लांघा के लिए 190 करोड़ की लागत के साथ तैयार होने वाली आधुनिक यात्री टर्मिनल की रूपरेखा तैयार करने संबंधित आज भूमि बंदरगाह अर्थारिटी और नैशनल हाईवे मंत्रालय के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक भारत -पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सरहद पर हुई।

बैठक के उपरंात गुरू की नगरी अमृतसर में स्थित बीएसएफ मुख्यालय पर करतारपुर लांघे को लेकर भारत के उच्च अधिकारियों द्वारा जांच चौंकी में प्रैस वार्तालाप की गई। तकरीबन 5 घंटे तक चली इस बैठक में कई प्रकार के पहलुओं पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में भारतीय अधिकारियों ने बताया कि श्री गुरूनानक देव जी के 550वें जन्म दिवस को यादगारी समारोह के लिए भारत सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार की गतिविधियों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा करतारपुर साहिब कैरीडोर , डेरा बाबा नानक, पंजाब में टर्मिनल बिल्डिंग कोम्पलैक्स का निर्माण करना है। स्मरण रहे कि ‘ स्टेट आफ दि आर्ट ’ बिल्डिंग को बनाने की जिम्मेदारी लैंड पोर्ट अर्थारिटी आफ इंडिया को सौंपी गई है, जोकि देश की भूमि सरहद पर इंटोग्रेटिड चैक पोस्ट को विकसित करने और चलाने का काम करती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 19 मार्च को दोनों मुलकों के तकनीकी विशेषज्ञ लांघे के जीरो प्वाइंट पर चर्चा करेंगे।

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प्रैस वार्तालाप में बताया गया है कि दोनों मुलकों के मध्य वार्तालाप शांतिपूर्ण और सदभावना के माहौल में हुई। इस पश्चात दोनों देश करतारपुर साहिब गलियारों से आगे बढ़ सकते है। सूत्रों के मुताबिक अलगअलग विभागों द्वारा तकनीकी पक्षों पर विचार विमर्श हुआ और दोनों मुलकों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी मुश्किलों को सांझा करते हुए गलियारों से संबंधित ब्यौरा दिया।

भारतीय प्रतिनिधि मंडल की अध्यक्षता गृहमंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास द्वारा की गई और पड़ोसी मुलक पाकिस्तान की तरफ से डॅा मोहम्मद फैजल पहुंचे हुए थे और दोनों ने करतारपुर साहिब लांघे के दौरान मुरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर तेजी से काम करने पर सहमति जताई। अब आगामी बैठक 19 मार्च को दोनों देश सरहद पर गलियारों के मेल बिंदु तय करेंगे। तत्पश्चात दोनों देशों के तकनीकी माहिर भी शामिल होंगे। इस उपरांत 2 अप्रैल को पाकिस्तान के वाघा सरहद पर बैठक होंगी।

करतारपुर कॉरिडोर पर वार्ता के लिए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल आज सुबह वाघा बॉर्डर से होकर अटारी पहुंचा। वार्ता के बाद दोनों पक्षों की ओर से संयुक्त बयान भी जारी की गई। इसमें वार्ता पर संतोष जताया गया। बाद में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव दीपक मित्तल ने कहा कि श्री करतारपुर कॉरिडोर पर बातचीत का मतलब पाकिस्तान के साथ किसी भी द्विपक्षीय वार्ता को फिर से शुरू करना नहीं है। उन्होंने कहा, इस संवाद पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है। आज हम करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर बैठक कर रहे थे। बैठक का उद्देश्य यह था कि तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब में जाने में आसानी हो।

दीपक के मित्तल ने कहा, हमने कॉरिडोर को लेकर अपनी उम्मीदों और चिंता के बारे में पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया है। पाकिस्तान को बता दिया गया है कि हम चाहेंगे कि वह किसी भी दुस्साहस की अनुमति न दें। हम उन्हें किसी भी तरह की गतिविधि की अनुमति देना पसंद नहीं करेंगे, जो उस भावना के विरुद्ध होगी जिसके साथ तीर्थयात्री करतारपुर गुरुद्वारा जा रहे होंगे।

– सुनीलराय कामरेड