पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की 100वीं बरसी के मौके पर आयोजित केन्द्र सरकार के कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत बादल समेत अकाली नेताओं के नदारद रहने पर भी उनकी आलोचना नहीं करने पर सोमवार को प्रधानमंत्री से सवाल किया। साथ में यह भी पूछा कि गैर हाजिर रहने पर मोदी ने अकेले उन्हें क्यों निशाने पर लिया। दरअसल, मोदी ने रविवार को जम्मू कश्मीर के कठुआ में एक रैली में जलियांवाला बाग पर आयोजित केन्द्र सरकार के कार्यक्रम में नहीं आने पर अमरिंदर सिंह की आलोचना की थी।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल तथा यहां तक कि मोदी सरकार में मंत्री हरसिमरत बादल ने जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देना जरूरी नहीं समझा। अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने पिछले दो दिन में जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक पर आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।

राष्ट्रीय महत्व के इस मौके से खुद को दूर रखने वाले मोदी ने फिर भी उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्मरणीय कार्यक्रम का समर्थन करने के बजाए केंद्र सरकार ने जलियांवाला बाग की 100वीं बरसी के मौके पर समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ मोदी सरकार के कृत्य और शब्द पंजाब की कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगातार भेदभाव का हिस्सा हैं।’’

अमरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि जलियांवाला बाग मुद्दे पर उनपर हमला करके मोदी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय पर इन गतिविधियों का कोई असर नहीं होने वाला है। इसके बजाए राज्य में वोट हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री को रचनात्मक एजेंडा लेकर आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस साल नवंबर में आयोजित होने वाले 550वें प्रकाश पर्व के लिए कोष उपलब्ध कराने से प्रधानमंत्री लगातार इनकार कर रहे हैं, जो उनकी दलगत सोच दिखाता है।