पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान से भारत की मांगों के प्रति “अधिक विनम्र एवं उत्तरदायी’’बनने की शुक्रवार को अपील की। इन मांगों में पड़ोसी देश के करतारपुर में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे तक प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालुओं का वीजा मुक्त प्रवेश भी शामिल है। सिंह ने बृहस्पतिवार को अटारी-वाघा सीमा पर करतारपुर गलियारे को लेकर हुई पहली बैठक के दौरान भारत की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर निराशा जाहिर की।

 मुख्यमंत्री ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भारत की मांगों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया “पूर्णत: अपर्याप्त” थी और अगर गलियारे का मकसद पूरा करना है तो पड़ोसी देश को अपने पक्ष पर पुन: विचार करना होगा। सिंह ने कहा कि दोनों देश की सरकारों ने गलियारा खोलने पर सहमति जता कर ऐतिहासिक निर्णय लिया था।

 उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है कि दोनों देश परियोजना की अंतिम तिथि को लेकर सही रास्ते पर हैं लेकिन पाकिस्तान को इस पहल को श्रद्धालुओं के लिए वास्तव में अर्थपूर्ण बनाने के लिए एक कदम आगे जाना होगा खासकर सिख समुदाय के लिए जो 70 सालों से अधिक समय से करतारपुर गुरुद्वारा में दर्शन से वंचित हैं।”

सिंह ने कहा, “पाकिस्तान की ओर से प्रस्तावित प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं की सीमा लगाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होगा जो गुरुद्वारा के दर्शन करना चाहते हैं।” साथ ही उन्होंने कहा कि वहां जाने के दिनों को सीमित करने से इसका मकसद और पूरा नहीं हो पाएगा।

 सिंह ने ट्वीट किया, ‘करतारपुर गलियारे पर भारत की मांगों के प्रति पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पूर्णत: अपर्याप्त है। ऐसी सीमाओं से गलियारे का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा..विदेश से आने वाले लोगों समेत अधिक लोगों को अनुमति देनी होगी।” उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से एक खिलाड़ी की तरह कुशल नेतृत्व दिखाने की अपील की।