रूपनगर (पंजाब) : पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए 26 वर्षीय कुलविंदर सिंह को शनिवार को यहां नुरपुर बेदी क्षेत्र में उनके गांव राउली में लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। कुलविंदर के पिता दर्शन सिंह ने अपने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। सीआरपीएफ के कांस्टेबल कुलविंदर के परिवार में पिता और माता हैं।
बृहस्पतिवार को पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आतंकवाद के आत्मघाती बम हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे और पांच अन्य घायल हो गये थे।
तिरंगे में लिपटे कुलविंदर के पार्थिव शरीर को शनिवार सुबह उनके घर पर लाया गया। वीर शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ग्रामीणों ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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घर पर पार्थिव शरीर के पहुंचने पर बिल्कुल गमगीन स्थिति पैदा हो गयी। परिवार बहुत ही शोकाकुल थे। कुलविंदर की मंगेतर उनके शव को देखकर बेहोश हो गयी। अपने बेटे के जैकेट को पहने कुलविंदर के पिता उनकी तस्वीर को अपने सीने से चिपकाये हुए थे।
लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारतमाता की जय के नारे लगाये। नुरपुर बेदी और रूपनगर मार्केट के दुकानदारों ने इस हमले के विरोध में अपनी दुकानें बंद रखी।
कुलविंदर की इस साल 8 नवंबर को शादी होने वाली थी। वह अपने परिवार के साथ 10 दिन की छुट्टी मनाकर 10 फरवरी को अपनी पोस्टिंग की जगह के लिए रवाना हुए थे। वह 2014 में सीआरपीएफ की 92 वीं बटालियन में शामिल हुए थे।
पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष राणा के पी सिंह, शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा, आप विधायक अमरजीत सिंह , सीआरपीएफ की 84 वीं बटालियन के उपमहानिरीक्षक अमर सिंह नेगी, रूपनगर के उपायुक्त सुमित जारंगल भी इस मौके पर मौजूद थे।


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