BREAKING NEWS

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए PM मोदी ने कहा : देश ने अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं किया ◾सौरव गांगुली समेत भारतीय खेलप्रेमियों ने दी माराडोना को श्रृद्धांजलि ◾राहुल ने डिएगो के निधन पर जताया शोक, कहा - 'जादूगर' माराडोना ने हमें दिखाया कि फुटबॉल क्यों खूबसूरत खेल है◾फुटबॉल के एक युग का अंत, नहीं रहे डिएगो माराडोना ◾यूपी की राह पर शिवराज सरकार - ‘लव जिहाद’ के दोषी को होगी 10 साल की सजा, लाएंगे विधेयक◾यूपी में योगी सरकार ने एस्मा लागू किया, अगले 6 माह तक नहीं होगी हड़ताल ◾लखनऊ विश्वविद्यालय : सामर्थ्य के इस्तेमाल का बेहतर उदाहरण है रायबरेली का रेल कोच फैक्ट्री- PM मोदी◾असंतुष्ट नेताओं से ममता बनर्जी की अपील : पार्टी को गलत मत समझिए, हम गलतियों को सुधारेंगे◾कोरोना के खिलाफ केंद्र ने कसी कमर, 31 दिसंबर तक के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, जानें क्या हैं नियम◾लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक में विलय को मिली मंजूरी , सरकार ने निकासी की सीमा भी हटाई ◾ललन पासवान बोले-मुझे लगा लालू जी ने बधाई देने के लिए फोन किया, लेकिन वे सरकार गिराने की बात करने लगे◾पंजाब में एक दिसंबर से नाइट कर्फ्यू, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर 1000 का जुर्माना◾'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾निर्वाचित प्रतिनिधियों की अनुशासनहीनता से उन्हें चुनने वाले लोगों की भावनाएं आहत होती हैं : कोविंद◾भारत में बैन हुए 43 मोबाइल ऐप पर ड्रैगन को लगी मिर्ची, व्यापार संबंधों की दी दुहाई ◾भाजपा MP के विवादित बोल - रोहिंग्याओं, पाकिस्तानियों को भगाने के लिए भाजपा करेगी 'सर्जिकल स्ट्राइक'◾विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बीच NDA के विजय सिन्हा बने बिहार विधानसभा के स्पीकर◾सुशील मोदी का दावा-लालू ने BJP MLA को दिया मंत्री पद का लालच, ट्विटर पर जारी किया ऑडियो◾UN में 'झूठ का डोजियर' पेश करने के लिए भारत ने पाक को लगाई फटकार, कहा- यह उसकी पुरानी आदत ◾लव जिहाद के खिलाफ UP सरकार के फैसले का अनिल विज ने किया स्वागत, बोले-योगी जिंदाबाद◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा- किसानों को मंडियों के बाहर बिक्री की अनुमति देने का अध्यादेश संघीय ढांचे का उल्लंघन

बीते दिन कैबिनेट बैठक में सरकार की ओर से किसानों के हित में कई अहम बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। कृषि सुधारों की दिशा में सरकार ने बुधवार को अहम कदम बढ़ाते हुए प्रमुख कृषि उत्पादों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के दायरे से बाहर करने के फैसले पर मुहर लगा दी है। जिसके बाद किसान अपनी फसलों को अन्य राज्यों में भी बेच सकेंगे। कयास लगाएं जा रहे हैं कि सरकार के इस फैसले से किसानों को अच्छा-खासा लाभ होगा।इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किसानों को मंडियों से बाहर फसलें बेचने की अनुमति देने संबंधी अध्यादेश को संघीय ढांचे का उल्लंघन बताया और शुक्रवार को कहा कि इससे राज्य को नुकसान होगा क्योंकि उसपर अध्यादेश थोपा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था तथा खाद्यान्न खरीद व्यवस्था को भंग करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इससे राज्य के किसानों में अशांति पैदा हो सकती है। वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश, 2020 संबंधी एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, यह संघीय ढांचे का उल्लंघन है। सिंह ने कहा, यह पंजाब पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है और यह हमारे राज्य को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र को इस अध्यादेश के बारे में पहले पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से परामर्श करना चाहिए था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सुव्यवस्थित कृषि उपज विपणन प्रणाली में इस तरह के प्रत्यक्ष और हानिकारक हस्तक्षेप के जरिए देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने के केंद्र के किसी भी कदम का पंजाब विरोध करेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अधिसूचित कृषि उपज विपणन समिति मंडियों के बाहर कृषि उपज की अनुमति देने के लिए कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश, 2020 को मंजूरी दी थी। सिंह ने कहा कि इस तरह के उपाय से देश की खाद्य सुरक्षा पर गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा जो पंजाब के मेहनती किसानों ने हरित क्रांति के बाद से हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि भारत के संघीय ढांचे में केंद्र और राज्यों की भूमिकाएं अच्छी तरह से परिभाषित हैं। संवैधानिक ढांचे के तहत कृषि राज्य का विषय है और केंद्र सरकार के पास कृषि उत्पादन, विपणन और प्रसंस्करण के संबंध में कानून बनाने का अधिकार नहीं है। सिंह ने कहा कि अचानक फैसले लेने और राज्यों की राय लिए बिना उन पर थोपने की केंद्र की आदत संघीय ढांचे का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संकट के दौरान केंद्र सरकार के ऐसे कदमों के गंभीर आर्थिक, सामाजिक परिणाम हो सकते हैं। इससे कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को लाभ नहीं होगा और वास्तव में विधायी बदलाव के कारण उन्हें व्यापारियों के हाथों नुकसान होगा।