लुधियाना-आनंदपुर साहिब : पंजाब में लोकसभा चुनावों के दौरान बाकी 4 सीटों में से कांग्रेस ने आनंदपुर साहिब सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और संगरूर सीट से पूर्व विधायक व कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पर एक बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस के मिशन 13 की फतेह हासिल करने के लिए कांग्रेस हाई कमान की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान उपरोक्त दोनों सीटों पर जिताने की जिम्मेदारी है। इस बैठक में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ जो स्वयं गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ रहे है, के अतिरिक्त पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी और राष्ट्रीय संगठन सचिव के.सी वेणु गोपाल ने भी हिस्सा लिया।

2019 के लिए कांग्रेस ने पंजाब में दो और प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (सीईओ) की बैठक में दोनों के नामों पर मोहर लगी। स्मरण रहे इससे पहले पार्टी राज्य में नौ प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। अब 11 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है, जबकि दो सीटों बठिंडा व फिरोजपुर के प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक आने वाले कुछ ही घंटों में 13 अप्रैल बैसाखी से पहले बठिण्डा और फिरेाजपुर के प्रत्याशियों की घोषणा हो जाएंगी।

मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन पार्टी ने पवन बंसल को टिकट दे दिया। श्री आनंदपुर साहिब से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह मनीष तिवारी के हक में खड़े थे। वर्ष 2014 के चुनावों में मनीष तिवारी को पंथक इलाके से विख्यात श्री आनंदपुर साहिब से टिकट थमाया गया था। लेकिन बीमार होने की बात कहकर चुनाव लडऩे से तिवारी ने हाईकमान को इंकार कर दिया था। इस प्रकार पंजाब की कदवार कांग्रेसी नेता अंबिका सोनी को चुनाव लड़ाया था। आनंदपुर सीट पर कांग्रेस ने पंजाब के बड़े नेताओं को संघर्ष के लिए भेजा है और मनीष तिवारी ने स्वयं चुनाव लडऩे की इच्छा जताई थी। इससे पहले 2009 में लुधियाना से मनीष तिवारी चुनाव जीत चुके है। जबकि 2004 के चुनावों में तिवारी आनंदपुर साहिब की सीट से हार का सामना कर चुके है।

संगरूर से प्रत्याशी घोषित किए गए केवल ढिल्लों बरनाला से विधायक रह चुके हैं। ढिल्लों 2007 और 2012 में लगातार दो बार बरनाला से विधायक बनें और 2017 में आम आदमी पार्टी के युवा प्रत्याशी नीत हेरा से चुनाव हार चुके है। वहीं, मनीष तिवारी की पुन: सक्रिय राजनीति में एंट्री हो गई है। 2009 में लुधियाना से लोकसभा का चुनाव जीते थे, लेकिन 2014 का चुनाव नहीं लडऩे के कारण पार्टी में वह हाशिये पर आ गए थे। पिछले दिनों पार्टी ने उन्हें पुन: राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था।

श्री आनंदपुर साहिब में हिंदू कार्ड खेलने के बाद कांग्रेस ने संगरूर में जट्ट कार्ड खेला है। बरनाला के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को टिकट दिया। ढिल्लों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी हैं और वह 2007 और 2012 में बरनाला विधान सभा सीट से दो बार चुनाव जीते थे।

पंजाब में अब घोषित कांग्रेस प्रत्याशी

1. अमृतसर – गुरजीत औजला।
2. गुरदासपुर – सुनील जाखड़।
3. जालंधर – चौधरी संतोख सिंह।
4. लुधियाना – रवनीत बिट्टू।
5. पटियाला – परनीत कौर।
6. होशियारपुर – राजकुमार चब्बेवाल।
7. फरीदकोट – मोहम्मद सदीक।
8. फतेहगढ़ साहिब – अमर सिंह।
9. खडूर साहिब – जसबीर डिंपा।
10. श्री आनंदपुर साहिब- मनीष तिवारी।
11. संगरूर- केवल ढिल्लों।

–  सुनीलराय कामरेड