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शिरोमणि अकाली दल ने चुनाव आयोग से प्रत्यक्ष रैलियों पर प्रतिबंध पर पुनर्विचार का किया आग्रह

शिरोमणि अकाली दल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से अपील की कि उसने कोविड चिंताओं के कारण 15 जनवरी तक प्रत्यक्ष रैलियों और रोडशो पर जो प्रतिबंध लगाया है, उस पर पुनर्विचार करे। शिअद ने साथ ही कहा कि पंजाब में छोटी प्रचार सभाओं को अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि ये उम्मीदवारों के लिए समाज के सभी वर्गों से संपर्क बनाने के लिए आवश्यक है। 

प्रतिबंध से सभी दलों के उम्मीदवारों को हो रही है काफी परेशानी - चीमा

शिअद प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में दावा किया कि प्रतिबंध से सभी दलों के उम्मीदवारों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि किसी विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं तक डिजिटल प्रचार के माध्यम से पहुंच बनाना संभव नहीं है क्योंकि राज्य में कई पिछड़े क्षेत्र हैं जहां इंटरनेट नेटवर्क ठीक से काम नहीं कर रहा है। 

गरीबों की डिजिटल तकनीक तक बहुत कम पहुंच है -शिअद प्रवक्ता

चीमा ने कहा कि बुजुर्ग जो आबादी का एक अच्छा हिस्सा हैं, वे शायद ही कभी डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हैं और गरीबों की डिजिटल तकनीक तक बहुत कम पहुंच है, इसलिये यदि केवल डिजिटल अभियान की अनुमति दी जाएगी, तो समाज के एक बड़े हिस्से तक पहुंच नहीं बनायी जा सकेगी। 

पार्टी के एक बयान के अनुसार, उन्होंने दावा किया, ‘‘यह सभी मतदाताओं को समान अवसरों से वंचित करेगा। इससे मतदान का प्रतिशत भी प्रभावित होगा।’’ 

बड़ी रैलियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है 'लेकिन छोटी बैठकें जरूरी

उन्होंने कहा कि शिअद समझता है कि बड़ी रैलियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है 'लेकिन छोटी बैठकें जरूरी हैं।’’ उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को कोविड सावधानियों के साथ छोटी सभाएं करने की अनुमति दी जा सकती है। 

5  राज्यों के विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होने है 

पंजाब में 14 फरवरी को मतदान है। चार अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में भी विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होने हैं और मतगणना 10 मार्च को होगी। 

चीमा ने आयोग से यह भी शिकायत की कि राज्य में चुनाव लड़ने वाली कई पार्टियां पंजाब, दिल्ली या केंद्र में सरकार में हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे अपने राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’ 

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उदाहरण के लिए, दिल्ली राज्य में आप की सरकार है। वे रोजाना पंजाब के विभिन्न टीवी चैनलों पर पेड न्यूज के रूप में कई विकास कहानियां दिखा रहे हैं।’’ 

अकाली नेता ने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि इन पेड न्यूज विज्ञापनों का उद्देश्य पंजाब के मतदाताओं को प्रभावित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि पंजाब में आदर्श आचार संहिता लागू है, दिल्ली में, आप इस खामी का अधिकतम लाभ उठा रही है और दिल्ली राज्य के खजाने की कीमत पर पेड न्यूज विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इससे अन्य दलों को नुकसान होता है।’’