BREAKING NEWS

दिल्ली मेट्रो में हुई कोरोना की एंट्री, 20 कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि◾'विश्व पर्यावरण दिवस' पर PM मोदी का खास सन्देश, कहा- जैव विविधता को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराएं◾उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में ट्रक और स्कॉर्पियो की भीषण टक्कर, 9 लोगों की मौत◾World Corona : दुनिया में पॉजिटिव मामलों की संख्या 66 लाख के पार, अब तक करीब 4 लाख लोगों की मौत ◾कोविड-19 : देश में 10 हजार के करीब नए मरीजों की पुष्टि, संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 27 हजार के करीब ◾Coronavirus : अमेरिका में संक्रमितों का आंकड़ा 19 लाख के करीब, अब तक एक लाख से अधिक लोगों की मौत ◾अदालती आदेश का अनुपालन नहीं करने पर CM केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में अवमानना याचिका दायर ◾महाराष्ट्र : निसर्ग तूफान पर मुख्यमंत्री ठाकरे ने की समीक्षा बैठक, दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट पूरी करने के दिए निर्देश ◾वंदे भारत मिशन के शुरू होने से अबतक विदेश में फंसे 1.07 लाख से ज्यादा भारतीय स्वदेश वापस आए : विदेश मंत्रालय ◾दिल्ली : पटेल नगर से आप विधायक राजकुमार आनंद कोरोना पॉजिटिव, खुद को किया होम क्वारनटीन◾केंद्र सरकार ने जारी किया राज्यों का जीएसटी मुआवजा, दिए 36,400 करोड़ रुपये◾महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 2,932 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा 77 हजार के पार, अकेले मुंबई में 44 हजार से ज्यादा केस◾INX मीडिया मामले में पी चिदंबरम को बड़ी राहत, SC ने खारिज की जमानत पर सीबीआई की पुनर्विचार याचिका◾देशभर में कोरोना के 1,06,737 सक्रिय मामले, रिकवरी दर 47.99 फीसदी हुई : स्वास्थ्य मंत्रालय ◾फिल्ममेकर बासु चटर्जी के निधन पर राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने जताया शोक ◾ विजय माल्या का प्रत्यर्पण जल्द होने की संभावना कम, ब्रिटेन सरकार ने कानूनी मुद्दे का दिया हवाला ◾मोदी-मॉरिसन ऑनलाइन शिखर बैठक के बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया ने महत्वपूर्ण रक्षा समझौते किये ◾केंद्र ने 2200 से अधिक विदेशी जमातियों को किया ब्लैक लिस्ट, 10 साल तक भारत यात्रा पर रहेगा बैन◾दिल्ली बॉर्डर सील मामले में SC ने तीनों राज्यों को NCR में आवागमन के लिए कॉमन नीति बनाने के दिए निर्देश◾वर्चुअल समिट में PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के लिए जाहिर की प्रतिबद्धता ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सिख संगत के समारोह को लेकर सिखों की भृकुटियां तनी

लुधियाना : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अध्यक्षता तले कार्यशील राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा दशम पिता श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के 350वें वर्ष के पावन प्रकाश पर्व को समर्पित 25 अक्टूबर को दिल्ली में होने जा रहे समारोह के दौरान सिख धार्मिक शखसियतों की शमूलियत को लेकर आज अधिकांश सिख पंथ उहो-पोह की स्थिति में है। समारोह में शामिल होने के मुद्दे को लेकर गर्म दलीय सिख संगठनों की भृकुटी तन चुकी है। इस चर्चा का मुख्य कारण राष्ट्रीय सिख संगत को किसी भी प्रकार का सहयोग न देने के बारे में सन् 2004 में सिखों की सिरमौर संस्था तत्कालीन सिंह साहिबान द्वारा पंथक के नाम पर जारी हुक्मनामा बताया जा रहा है। जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया था कि आरएसएस पंथ विरोधी जमात है और अपने स्वार्थ के लिए सिखों को अलग कांैम मानने से इंकार करती है और यह सिखों को केशधारी हिंदू साबित करने में हमेशा यत्नशील रही है। उस वक्त सिख संगत को स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की धोखाबाजी से बचा जाए।

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा 25 अक्टूबर बुधवार की शाम को दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में करवाये जा रहे धार्मिक समागम की प्रधानगी तख्त श्री हरमंदिर पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह कर रहे है। जबकि मुखय प्रवक्ता के तौर पर आरएसएस के प्रमुख डा. मोहन राव भागवत समेत मुखय मेहमान के तौर पर पूर्व भाजपाध्यक्ष व वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी होंगे। दूसरी तरफ, श्री अकाल तखत साहिब के तात्कालीन जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती द्वारा राष्ट्रीय सिख संगत को समूचे सिख पंथ को सहयोग न देने संबंधी 23 जुलाई, 2004 में सहयोग न देने बारे में हुक्मनामा उस वक्त जारी किया गया था, जब कट्टर हिंदू संगठनों ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के चार सौ साला प्रकाश पर्व के मौके पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब गुरवाणी की पावन यात्रा नगर कीर्तन करके इसमें तखत साहिब के सिंह साहिबॉन के शामिल होने का दावा करते हुए सिख संगत को भ्रम में डाला था। आज उसी रूपरेखा पर चलते हुए राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा एक बार फिर सर्वधर्म सम्मेलन के बैनर तले यह समारोह करवाया जा रहा है।

इसी संंबंध में आज एक बार फिर श्री अकाल तखत साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस समागम से उनका कोई संबंध नहीं है। इस समागम में इकबाल सिंह की तरह उनके शामिल होने संबंधी आमंत्रण पत्र मिलने के बारे में उन्होंने स्पष्ट किया गया कि अभी तक उन्हें ऐसा कोई आमंत्रण पत्र नहीं मिला है। अगर उन्हें किसी ने भेजा होगा तो वह उसमें शामिल नहीं होंगे। ज्ञानी इकबाल सिंह या फिर अन्य सिख शखसीयतों के इस समारोह में शामिल होने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह जल्द ही उस हुक्मनामे की इबारत को पढकर उसके बारे में कोई बात करेंगे। सिख हल्कों में चर्चा है कि यह हुक्मनामा 2004 में आरएसएस समागम के लिए सहयोग न देने के लिए जारी हुआ था और हुक्मनामा हमेशा के लिए जारी होता है। इसी कारण सिंह साहिबान पूर्ण रूप से खामोश है।

उधर भारत समेत विदेशों में भी सिख जत्थेबंदियों की कोडिनेशन कमेटी के कोडिनेटर हिम्मत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा करवाए जा रहे समारोह का सिख बायकाट करें, अगर कोई भी सिख उस समारोह में शामिल होता है तो उसकी शिनाख्त करके उसे कौम का गददार घोषित किया जाएं। आज जालंधर में सिख सेवा सोसायटी इंटरनैशनल ने आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी लड़ाई आरएसएस के खिलाफ संवैधानिक आजादी की है।

जबकि दूसरी तरफ तलख सच्चाई यह भी है कि अगर इतिहास के तौर पर देखा जाएं तो सिखों में राष्ट्रीय सिख संगत की दखलंदाजी भी कौम के रक्षक कहलाने वालों ने ही करवाई थी और शायद यही कारण है कि मानसिक तौर पर बादलों की रहनुमाई करने वाले जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह अपने ही उस हुकमनामे को आप ही मानने के लिए तैयार नही है। दिलचस्प बात यह है कि जिस संस्था के विरूद्ध हुकमनामा है, उसे अकाल तख्त साहिब से ही सिख विरोधी करार दिया गया था।

देश की आजादी के पश्चात 1947 के बाद अल्प संख्यकों में से सबसे ज्यादा मार्शल सिख कौम मानी जाती है परंतु शिरोमणि अकाली दल, शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी और जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब में वह बडक़ नहीं जो किसी वक्त अकाली फूला सिंह, मास्टर तारा सिंह, संत फतेह सिंह और जगदेव सिंह तलवंडी समेत गुरचरण सिंह टोहरा की थी। आज समस्त सिख पंथ उन्हें याद करके रो रहा है।

- सुनीलराय कामरेड