लुधियाना- फरदीकोट  : करीब दो साल पहले कुछ शरारती तत्वों तरफ से फरीदकोट के गाँव बरगाडी में श्री गुरू ग्रन्थ साहब के अंग फाड कर बेअदबी की थी। इसको लेेेकर सिख संगत में रोष था इस घटना के बाद सिक्ख संगत की तरफ से दोषियों की जल्दी गिरफ्तारी की माँग को ले कर कोटकपूरे के मुखय चौक में धरना लगाया गया था और इस धरने को उठाने के लिए पुलिस की तरफ से लाठी चारज, आंसू गैस के गोलो और वॉटर केनन का प्रयोग किया गया था, जिस में काफी लोग जखमी हो गए थे और कईयों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। गांव बहबल के पास 2 सिख व्यक्तियों की मौत हो गई थी और इस मामलों में सी बी आई टीम भी बनी और उस समय की मौजूदा सरकार की तरफ से जस्टिस जोरा सिंह कमीशन भी बिठाया गया ओर उसके अतिरिक्त जस्टिस काटजू कमीशन भी अपनी रिपोर्ट पेश कर चुका है।

उसके बाद की कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लोगों के साथ वायदा किया था की सरकार आने पर श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के दोषियों को सामने लाएंगे और अब उनकी तरफ से जस्टिस रणजीत सिंह की अगवाई में नए कमीशन का गठन किया गया है जो तीन दिन से कोटकपूरा और बहबल पहुँच कर लोगों के साथ सीधा सम्पर्क कर रहे हैं और उनकी तरफ से कुछ गवाहों के बयान भी दर्ज किये और साथ ही मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी भी इकठ्ठा की, आज तीसरे दिन जस्टिस रणजीत सिंह ने कोटकपूरा और बहबल कांड के शिकार हुए लोगो के बयान दर्ज कर रहे है।

इस पूरे घटनाक्रम के चश्मदीद गवाह सुखराज ने बताया कि गुरू ग्रंथ सहब जी की बेअदबी के रोष में वह बहबल के पास शांतमयी तरीके के साथ धरने में सिमरन कर रहे थे पुलिस ने एक दम आ कर गोलियां चला दीं जिस के साथ दो व्यक्ति शहीद हो गए थे उसी मामले में वह फरीदकोट बयान दर्ज करवाने पहुँचे है।

इस मौके बयान दर्ज कराने आए पूरन सिंह खालसा ने बताया कर वह कोटकपूरा चौक में शांतमयी धरने में बैठे पंथ के नेताओं के साथ सिमरन कर रहे थे पुलिस ने उन को जबरदस्ती उठाना शुरू कर दिया जब संगत ने इस का विरोध किया तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले, पानी की बुछारें और अंधाधुन्ध लाठियाँ बरसानी शुरू कर दीं मेरे खुद के सौ से अधिक लाठियां मार कर जखमी कर दिया,बहुत व्यक्ति जखमी हो गए और नेताओं को जबरन उठा कर ले गए आज वह फरीदकोट अपने बयान दर्ज करवाने आए हैं हमें मौजूदा जस्टिस से इन्साफ मिलने की कुछ आशा बंधी है।

इस मौके बयान दर्ज कराने आए बहिबल कांड में शहीद हुए हरकृष्ण भगवान के पुत्र सुखराज सिंह ने बताया कर जिस मौके बहबल के पास शांतमयी रोष कर रहे सिक्ख संगत पर पुलिस ने हमला किया गोली चलायी थी उस वक्त उन के पिता ओर एक गुरजीत नौजवान लंगर की सेवा कर रहे थे और पुलिस ने अचानक संगत को खदेडने के लिए गोली चलाने और उस के पिता ओर नौजवान पुलिस की गोली के साथ शहीद हो गए थे अब तक उन को कोई इंसाफ नहीं मिला। अब जस्टिस रणजीत सिंह की अगवायी वाले कमीशन ने उन्हें बुलाया है। उन्होंने बताया कि अब तक के सभी जांच कमीशनों में उन के किसी ने बयान दर्ज नहीं किये अब को अब पहली बार बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया है और उन को जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन से पूर्ण इन्साफ का भरोसा क्योंकि वह निष्पक्ष जांच कर रहे है।

इस मौके शिरोमणि अकाली दल मान के नेता रणजीत सिंह ने कहा कि उन की तरफ से शुरू से ले कर सारी घटना बारे जो जानकारी थी वह दी और उन को इस कैमिशन से आशा है कि हमें इन्साफ मिलेगा।

इस मौके जांच कर रहे जस्टिस रणजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बेअदबी कांड उपरांत घटे बहबल और कोटकपूरा कांड का दौरा किया है और वह अब तक 150 के करीब लोगों के बयान दर्ज कर चुके हैं उन्होंने बताया कि जो लोग फरीदकोट नहीं आ सकते थे उन लोगों के बहबल गाँव ओर कोटकपूरा मौके पर पहुँच कर बयान दर्ज किये हैं ।

– सुनीलराय कामरेड