पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कहा कि अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना एक हादसा है लेकिन इसमें कही न कहीं लापरवाही भी नजर आ रही है और राज्य सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सिद्धू ने शनिवार सुबह सिविल तथा अन्य निजी अस्पतालों में दाखिल घायलों का हाल जानने के बाद कहा कि घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को कुछ भी पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि यह घटना तेज गति से आई ट्रेन के चलते यह घटना मिनटों के अंदर हुई। ट्रेन ने हॉर्न नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि वह चार पांच अस्पतालों में घायलों से मिल कर आए हैं जिन्होंने बताया कि कुछ लोग रेल पटरी पर खड़े थे तथा कुछ पास ही खड़े थे। घायलों ने बताया कि रावण दहन के दौरान जल रहे पुतले से बचने के लिए लोग दो कदम ही पीछे हटे थे कि तेजी से आ रही रेलगाड़ी ने उन्हें कुचल दिया। रेल की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुछ ही सैकेंड में ही इतना बड़ा हादसा हो गया।
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नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि लोग त्योहार मनाने के लिए आए थे लेकिन इस हादसे ने कई लोगों के परिवार खत्म कर दिए तथा कईयों ने अपने परिजनों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी की कोई साजिश नहीं है। उन्होने बताया कि मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह लगभग सुबह दस बजे तक अमृतसर पहुंच रहे हैं जिनके साथ पूरी स्थिति पर बात होगी। वही, घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा सिद्धू ने रात में ही घटना स्थल पर पहुंचने के लिए रेल मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की सूचना बंगलौर में मिली थी जिसके पश्चात उन्होंने अपनी पत्नी डॉ नवजोत कौर सिद्धू से सम्पर्क किया जो घटना के तुरंत पश्चात अस्पताल में पहुंच गई थी। सुश्री सिद्धू पर घटना स्थल से चले जाने के आरोपों पर उन्होने कहा कि लोग कुछ भी कहते हैं लेकिन यह सच नहीं है।
उन्होंने कहा कि डॉ सिद्धू ने अस्पताल में पहुंच कर खुद घायलों का इलाज किया है और पीड़ितों की राहत के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को विजयदशमी के अवसर पर अमृतसर के जोड़ फाटक पर रावण दहन देखते हुए 60 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकर प्रवासी मजदूर शामिल हैं।


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