लुधियाना-अमृतसर : सिख सद्भावना दल के मुख्य सेवादार व हजूरी रागी भाई बलदेव सिंह वडाला ने कहा कि सिख कौम को मौजूदा संकट से निकाले के लिए सिख संगत को खुद पहल करते हुए बादल परिवार को अकाली दल और एसजीपीसी से बाहर का रास्ता दिखाना होगा।

भाई वडाला ने कहा कि बादल परिवार की ओर से हमेशा ही सत्ता हासिल करने के लिए सिख कौम की भावनाओं को भडक़ाया और सिखों को अपने स्वार्थों के लिए प्रयोग किया गया। लेकिन अब सिख कौम को इस परिवार से सचेत रहना होगा। वर्ष 1984 के दंगों को अब दोबारा कैश करने के लिए बादल परिवार धरने देने की श्रृंखला चला रहे हैं। जबकि बादलों की जब सरकारें थी तो तब यह धरने क्यों नही दिए जाते है।

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बादल दल जब भी सत्ता में होता है तो कोई भी पंथक मसला हल नहीं करता। बल्कि इन मसलों को उलझाता है और जब सत्ता से बाहर होता है तो खुद ही उलझाए हुए मसलों को राजनीतिक रंगत देकर सत्ता प्राप्ति के लिए सिखों की भावनाओं को भडक़ाकर कैश करने लग जाता है।

भाई वडाला ने कहा कि नवंबर माह सिखों के लिए दुख व दर्द वाला माह है। जब बादल सत्ता में थे इस माह के दौरान कबड्डी के जश्न मनाता रहा और स्टेजों पर औरतों को नचाता रहा है। आज सत्ता से बाहर है तो इनकों सिखों का सारा दर्द याद आने लग पड़ा है।

उन्होंने कहा कि सिखों के लिए बादल परिवार ने ही मुश्किलें खड़ी की हैं इसलिए सिखों व पंथक तथा टकसाली अकालियों को समस्या की जब बादल परिवार को की पकड़ कर समस्या का हल करना चाहिए। समस्या तभी हल हो सकती है जब अकाली दल और एसजीपीसी से बादल परिवार को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

– सुनीलराय कामरेड