लुधियाना : राज्य में निचले स्तर पर नगर निगम और अमृतसर, जालंधर और पटियाला समेत कांग्रेस ने सोमवार को पंजाब में एम.सी. चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है जिसमें मौजूदा कौंसलरों को छोड़ कर एक परिवार-एक टिकट के सिद्धांत को अपनाया है। पार्टी ने पटियाला से 31 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है और सभी मौजूदा कौंसलरों को चुनाव लड़वाने का फ़ैसला किया है । इसके साथ ही पार्टी ने बागियों के विरुद्ध कड़ा रूख अपनाया है।

यह फ़ैसला सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। नई दिल्ली में हुई इस मीटिंग में सुनील जाखड़, ए.आई.सी.सी. के सचिव और पंजाब की इंचार्ज आशा कुमारी और ए.आई.सी.सी के सचिव हरीश चौधरी भी उपस्थित थे।

मीटिंग में फ़ैसला किया गया कि 2012 और 2014 में पार्टी छोडऩे वालों को नगर निगम चुनाव में टिकट नहीं दी जायेगी परंतु जिन्होंने पहले नगर निगम चुनाव लड़े और हार गए थे उनको पार्टी के प्रति वफ़ादारी निभाने के लिए टिकटें देने पर विचार किया जायेगा।

पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार इस फ़ैसले का उद्देश्य वफ़ादारी को प्रौत्साहित करना और पार्टी सदस्यों के मनोबल को बढ़ाना है। यह भी फ़ैसला लिया गया कि दूसरे पार्टियों से कांग्रेस में शामिल हुए लोगों पर कांग्रेस के मूल सदस्यों को प्राथमिकता दी जायेगी।

प्रवक्ता अनुसार पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान टिकटों के वितरण संबंधी पार्टी की नीति में कोई बदलाव नहीं लाया जायेगा। फरवरी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सफलता ने यह साबित कर दिया था कि योग्यता और जीतने का सामथ्र्य ही उम्मीदवार के चयन के लिए सही सोच है। अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें।

– सुनीलराय कामरेड