लुधियाना-जालंधर-अमृतसर : आतंकवाद के काले दौर में देश विरोधी और समाज विरोधी ताकतों से लोहा लेते हुए शहीद होने वाले खाकी वर्दीधारियों को दिल से सलाम करने की खातिर आज पंजाब भर के जिला मुख्यालयों में ‘स्मृति दिवस ’ बड़ी श्रद्धा और जज्बे के साथ मनाया गया। वर्तमान कार्यरत पुलिस अधिकारियों और पुलिस मुलाजिमों ने अपने शहीदों को नमन करते हुए फूल अर्पण किए और उनकी शहादत को याद करते हुए उनके परिवारिक सदस्यों और वारिसों को सम्मान दिया।

‘देह शिवा बरू मोहि इहे शुभ करमन ते कबहूं ना टरो..’ की पावन तर्ज पर आज उन सभी पुलिस मुलाजिमों और अधिकारियों के किस्सों को याद करते हुए सलाम किया गया, जिन्होंने अपने कतृव्यों को पूरा करने की खातिर जान की परवाह ना करते हुए बलिदान दे दिया। इसी श्रृंखला में आज अन्य सीमा प्रहरियों, सुरक्षा बलों के साथ-साथ पंजाब पुलिस के दो डीआईजी , तीन एसएसपी, पांच एसपी, बारह डीएसपी, बत्तीस इंस्पेक्टर, 61 सब-इंसपेक्टर, 112 असीस्टेंट सब-इंसपेक्टर समेत 1563 अन्य पुलिस मुलाजिमों को सर्वोच्च बलिदान के लिए याद किया गया, जिन्होंने अपने सर्वोच्च बलिदान कर दिया था। इसी क्रम में आज लुधियाना स्थित पुलिस लाइन में पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने कहा कि शहीद हमारे राज्य और देश की धरोहर है। देश की एकता और अखंडता को कायम रखने वाले पुलिस जवानों और अधिकारियों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सच्ची श्रद्धांजली यहीं होगी कि सारे एकजुट होकर देश विरोधी ताकतों का मुकाबला करे।

पुलिस कमिश्नर ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित शहीदी शौक दिवस मौके पर अलग अलग हमलों में शहीद हुए जवानों और एक सितंबर 2016 से लेकर 31 अगस्त 2017 तक देश भर के अलग अलग राज्यों में पुलिस और दूसरी पैरामिल्ट्री फोर्स के शहीद हुए जवानों और अधिकारियों को श्रद्धांजली भेंट कर रहे है। इस मौके पुलिस की टुकड़ी की तरफ से शहीदों को गार्ड ऑफ आनर दिया गया और दो मिनट का मौन रख शहीदों को श्रद्धांजली भेंट की गई। रमनदीप सिंह भुल्लर सहायक कमिश्नर गिल ने देश भर में हुए शहीदों के नाम पढ़ कर सुनाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आज का शहीदी यादगारी दिवस उन महान पुलिस जवानों की याद में हर साल मनाया जाता है जिन्होंने 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के हाट स्प्रिंग में देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए शहादत दी थी।

उन्होंने कहा कि चीन की फौज की तरफ से हमारी धरती पर पैट्रोलिंग कर रहे बीस जवानों पर अचानक हमला कर दिया था। जिसमें कर्म सिंह डीएसपी सहित दस जवान शहीद हो गए और बाकी लोगों को बंदी बना लिया। उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर 1960 से लगातार देश भर में इन महान शहीदों और देश की एकता और अखंडता की खातिर देश के अलग अलग राज्यों के पुलिस और पैरा मिल्ट्री फोर्स के शहीद जवानों को याद करने के लिए श्रद्धांजली समागम किए जाते है तो जो पुलिस के जवान और लोग इन शहीदों की जीवन से प्रेरणा ले सके।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आतंकवाद के दौरान लुधियाना पुलिस के 117 जवान शहीद हुए थे। जिनके परिवार लुधियाना में रह रहे है। जिला पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है। इन परिवारों को पेश आने वाली मुश्किलों को दूर किया जाता है।

उन्होंने इन परिवारों को भरौसा दिया कि पंजाब सरकार और लुधियाना पुलिस की तरफ से हर कदम पर उनकी हर संभव मदद की जाएगी। इस मौके शहीदों के परिवारों को सम्मान निशानियां भी भेंट की गई। इसके बाद पूर्व पुलिस प्रमुख डीआर भट्टी, डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रलवा, डीसीपी ध्रुमण निंबले, डीसीपी गगनअजीत सिंह सहित सभी पुलिस अधिकारी मौजूद थे। उधर आज अमृतसर स्थित पुलिस लाइन कैम्पस में रखे गए कार्यक्रम में अमृतसर के पुलिस कमिश्नर श्री वास्तव ने अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ उन शहीदों को याद किया, जिन्होंने देश में कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर दी। इस कार्यक्रम में जहां पूरे अमृतसर के सभी सीनियर पुलिस अधिकारियों ने शिरकत की वही इस मौके पर शहीदों के परिवार भी विशेष तौर पर पहुंचे।

– सुनीलराय कामरेड