लुधियाना : शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के जिला प्रधान और स. सिमरनजीत सिंह मान के सहयोगी जत्थेदार जसवंत सिंह चीमा पर देर रात अज्ञात लोगों द्वारा हमला किए जाने की खबर मिली है। घटना उस वक्त घटित हुई जब जत्थेदार चीमा अपनी कार स्वयं ड्राइव करके अपने विश्वासनीय साथी गुरूसेवक सिंह आनंदपुरी के साथ गांव भटियां की तरफ से लुधियाना आ रहे थे कि जालंधर बाईपास चौक अंबेदकर चौक को पार करते ही थानामंडी के नजदीक 2 नकाबपोश शख्सियतों ने उन्हें रूकने का इशारा किया।

जसवंत सिंह चीमा के मुताबिक ना रूकने पर उन अज्ञात लोगों ने गाड़ी की खिडक़ी पर बेसबाल जैसी कोई भारी वस्तु मारी, जिससे शीशा टूट गया और ऐसे में खतरे का आभास होते ही गाड़ी दौड़ा डाली तो पीछे धाय-धाय की आवाज सुनाई दी। सौभागय से बचे चीमा ने कहा कि गाड़ी को रोकने की बजाए वे सीधे पुलिस स्टेशन सलीम टाबरी जा पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज करके जांच की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है।

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चीमा ने यह भी बताया कि हमलावरों ने मुंह पर कपड़े बांधे हुए थे और उस वक्त उनकी कार की रफतार 30 से 40 कि.मी. प्रतिघंटा थी। उनके मुताबिक मोटर साइकिल से उन बदमाशों ने उनका पीछा भी किया। लुधियाना के असीसटेंट सी.पी लखबीर सिंह टिवाना के मुताबिक घटना स्थल से सबूत इकटठे करने हेतु फारेंसिक टीम भेजी गई है और छानबीन जारी है।

इसी बीच पूर्व सांसद स. सिमरनजीत सिंह मान ने जत्थेदार चीमा पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था रब आसरे है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और आरएसएस की हिंदूवादी सोच से देश हो रहा है बरबाद। सिमरनजीत सिंह मान चीमा पर हुए हमले उपरांत लुधियाना के सर्कट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आएं दिन आम लोगों के ऊपर गोलियां चलना आम हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि जत्थ्ज्ञेदार चीमा पर पहले बेसबाल और बाद में गोली चलाने वाले दोषियों पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज हो।

इसके अतिरिक्त स. मान ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बारे में स्पष्ट कहा कि भारत को हिंदूवादी सोच के अंतर्गत चलाया जा रहा है और इस सोच के कारण पूरा देश बर्बाद और तबाही के कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि कितनी दुखदाई बात है कि देश का सेनाध्यक्ष सिखों से देश को खतरा बताने के बयान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा कुर्बानियां करके सिखों ने भारत से अंग्रेजों को खदेड़ा था, परंतु 1947 के बाद मुसलमानों को पाकिस्तान मिला और भारत हिंदुओं ने संभाल लिया लेकिन सिखों को गुलामी के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने के आरोपियों को पकड़वाने हेतु 5 महीने से बरगाड़ी में इंसाफ मोर्चा चल रहा है परंतु देाषी पुलिस की गिरफत से बाहर है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डीजीपी सुमेद सिंह सैनी को पकडक़र जेल की सखीचों में बंद किया जाएं ताकि सिखों को इसाफ मिल सके।

– सुनीलराय कामरेड