लुधियाना : भारतीय सेना की तरफ से शुरू किये गए आपरेशन सदभावना के अंतर्गत जम्मू और कश्मीर राज्य के 19 नौजवान किसान इन दिनों लुधियाना के दौरे पर हैं। यहाँ वे पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी की नयी तकनीकों बारे ज्ञान हासिल करेंगे। इन किसानों का स्वागत करने ढोलेवाल सैनिक शिविर में एक दावत का आयोजन किया गया, जिस में स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर मनीष अरोड़ा ने इन किसानों का स्वागत किया।

ब्रिगेडियर अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सैना की तरफ से कश्मीरी नौजवानों को देश के विकास में सक्रिय योगदान देने लगातार उत्साहित किया जा रहा है। आपरेशन सदभावना के अंतर्गत नौजवानों को अलगाववादी सोच से दूर हट कर अपनी आजीविका पैदा करने और उसका विकास करने के लिए अवसर उपल्बध करवाए जाते हैं। इस प्रोगराम के तहत ही यह नौजवान किसान पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी लुधियाना के बागबानी विभाग की तरफ से ईजाद की गई नयी तकनीकों बारे जानकारी हासिल करेंगे और विभिन्न खेतों का दौरा करेंगे।

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उन्होंने बताया कि यह किसान जिला बडगाम (जम्मू कश्मीर) के अलग- अलग गाँवों के साथ सम्बन्धित हैं, जो कि वहां सेब, अखरोट, चावल और अन्य फलोंं की खेती करते हैं। पंजाब की अपेक्षा जम्मू कश्मीर में खेती तकनीक की बहुत बड़ी कमी है। जम्मू कश्मीर के किसानों को अलगाववादी सोच से दूर करते हुए उन्हें खेती के साथ जोडऩे के मकसद से ही भारतीय सैना की तरफ से पिछले साल आपरेशन सदभावना की शुरुआत की गई थी, जिसे बहुत सफलता मिली थी। यह किसान पी. ए. यू. की तकनीकें सीख कर अपने सूबे में आधुनिक तरीकों के साथ खेती करेंगे तो राज्य के कृषि क्षेत्र में विकास होगा।

श्री अरोड़ा ने कहा कि इस आपरेशन का यह भी मकसद है कि इस तरह कश्मीरी नौजवानों को दूसरे राज्यों में जा कर वहाँ के विकास माडल को देखने का मौका मिलता है जिससे उन्हें पता लगे कि किस तरह अन्य राज्यों के मुकाबले उनके सूबे का विकास काफी पिछड गया है। इस तरह वह अपने सूबे के विकास के लिए और ज्यादा प्रयत्न करते हैं। यह किसान 6 दिसंबर तक जिला लुधियाना में रहेंगे, जबकि 7 दिसंबर को चंडीगड़ का दौरा करेंगे। उन्होंने इन किसानों को इस दौरे दौरान हर तरह का सहयोग देने का भरोसा दिया।

– रीना अरोड़ा