लुधियाना-बरनाला : आयकर विभाग के अधिकारी बनकर चंडीगढ़ के व्यापारी से चांदी के जेवरात एवं लाखों रुपयों की ठगी लगाने के आरोप में बरनाला के चार युवकों समेत कुल सात को चंडीगढ़ पुलिस ने काबू किया है। उनके पास से ठगी की रकम व चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। जिनमें बरनाला निवासी आरोपितों की पहचान अमरबीर सिंह (35) पुत्र मेजर सिंह निवासी गुरसेवक नगर धनौला रोड बरनाला, विक्की कुमार (25) पुत्र मंगला राम निवासी नजदीक राम बाग बरनाला, भुपिंदर सिंह (45) पुत्र कुलतार सिंह निवासी गांव उप्पली जिला बरनाला और चरनजीत सिंह (47) पुत्र महिंदर सिंह निवासी नजदीक तर्कशील चौक बरनाला के तौर पर हुई है। जिनके पास से 1635 ग्राम चांदी व नकदी बरामद की है। वारदात को अंजाम देने के वक्त उनके द्वारा इस्तेमाल की गई कार पीबी-19-एन-2948 पुलिस ने कब्जे में ले ली है।

यह बताया पूरा मामला-
प्राप्त की सूचना के मुताबिक ठगी की वारदात 31 अक्तूबर को चंडीगढ़ के 1511, सेक्टर 52 में रहते पप्पू कुमार पुत्र महिंदर पाल के घर पर हुई। जहां सात लोग पहुंचे थे। जिन्होंने अपनी पहचान आयकर अधिकारी के तौर पर बतायी। पहचान पत्र दिखा पूरे घर की तलाशी ली। घर से मिली साढ़े 8 लाख की नकदी और तीन किलो चांदी को आय से अधिक संपत्ति होने की बात कह नकदी व चांदी इकठ्ठी कर ली। सेक्टर-43 में विभाग के कार्याल्य पहुंचने की बात कह सभी लोग कार में सवार हो चले गए।

पप्पू कुमार को ठगी का उस वक्त आभास हुआ जब उसे सेक्टर-43 में आयकर विभाग का कोई कार्याल्य ही नहीं मिला। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने धारा 419, 420, 468 34 आईपीसी के तहत एफआईआर नंबर 388 दर्ज कर ठगी आरोपितों की तलाश करनी शुरु की।

उक्त के अलावा बाकी आरोपितों की पहचान विरेंदर सिंह पुत्र मग्घर सिंह निवासी गांव गलोली जिला पटियाला, मनीश कुमार पुत्र सुंदर पाल निवासी पीर कालोनी, चूंघड़ा रोड पातड़ां जिला पटियाला और प्रेम कुमार पुत्र विमल कुमार निवासी नजदीक सब्जी मंडी पातड़ां जिला पटियाला के तौर पर हुई।

जांच में पुलिस ने पता लगाया कि वारदात का मुख्य सरगना वरिंदर कुमार हैं। जिसका चचेरा भाई रमनदीप पीड़ित पप्पू कुमार का रिश्ते में बहनोई लगता है। रमनदीप ने वरिंदर को पप्पू के पास जेवरात व नकदी होने की सूचना दी थी। जिसने योजनाबद्ध हो बरनाला निवासी उक्त चारों आरोपितों को भी अपने साथ शामिल किया।

– रीना अरोड़ा