लुधियाना- तलवंडी साबो : पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित जस्टिस रंजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल प्रकाश सिंह बादल समेत पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के नाम आने के बाद पंजाब में पंथक नेताओं और सियासी प्रमुखों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए पिछले हफते अबोहर में पोल-खोल रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को ‘ बादशाह दरवेश ’ बताने के मामले में सोशल मीडिया पर माफी मांगने के बाद शिरोमणि अकाली दल के राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़ ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि उनके मुंह से अनजाने में वरिष्ठ बादल के लिए रैली के दौरान ‘ बादशाह दरवेश ’ उच्चारण निकल गया था। इससे पहले वह चुनिंदा साथियों के साथ तख्त श्री दमदमा साहिब में पेश हुए और क्षमायाचना मांगी।

पंजाब : संगरूर अदालत में गूंजी जस्टिस रंजीत सिंह कमीशन की रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि सियासी रैलियों में दिमाग कई जगह घूमता रहता है। मैं स. बादल को दरवेश सियासतदान कहना चाहता था, लेकिन गलती में बादशाह बोल गया। मैंने इस भूल के लिए माफी मांग ली है। मुझे जो भी धार्मिक सजा लगाई गई है, उसे तनदेही से पूरा करूंगा।

उधर, जत्थेदार सिंह साहब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति विशेष को ‘ बादशाह दरवेश ’ कह कर संबोधित नहीं किया जा सकता। यह संबोधन सिर्फ सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

बहरहाल भूंदड़ धार्मिक सजा लगने के बाद अपनी गलती की माफी मांग चुके है और पंज प्यारे साहिबान ने उनको 3 दिनों तक श्री दमदमा साहिब पहुंचकर लंगर के लिए हाथों से सेवा करना, कीर्तन श्रवण करना और आखिरी दिन 1100 की कड़ाह प्रसाद की देग करवाने के साथ 11 जपुजी साहिब के पाठ करने की धार्मिक सेवा लगाई है।