BREAKING NEWS

दिल्ली हिंसा : SIT ने शुरू की जांच, मीडिया और चश्मदीदों से मांगे 7 दिन में सबूत◾PM मोदी प्रयागराज में 26,526 दिव्यांगों, बुजुर्गों को बांटेंगे उपकरण◾ओडिशा : 28 फरवरी को अमित शाह करेंगे CAA के समर्थन में रैली को संबोधित◾SP आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की विधानसभा सदस्यता खत्म◾AAP पार्टी ने पार्षद ताहिर हुसैन को किया सस्पेंड, दिल्ली हिंसा में मृतक संख्या 38 पहुंची◾दिल्ली हिंसा : अंकित शर्मा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई सनसनीखेज खुलासे, चाकू मारकर की गई थी हत्या◾दिल्ली हिंसा सोनिया समेत विपक्षी नेताओं के भड़काने का नतीजा : BJP ◾रॉ के पूर्व चीफ एएस दुलत ने फारूक अब्दुल्ला से की मुलाकात◾दिल्ली हिंसा : AAP पार्षद ताहिर हुसैन के घर को किया गया सील, SIT करेगी हिंसा की जांच◾दिल्ली HC में अरविंद केजरीवाल, सिसोदिया के निर्वाचन को दी गई चुनौती◾दिल्ली हिंसा की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को मिले कड़ी से कड़ी सजा -पासवान◾CAA पर पीछे हटने का सवाल नहीं : रविशंकर प्रसाद◾बंगाल नगर निकाय चुनाव 2020 : राज्य निर्वाचन आयुक्त मिले पश्चिम बंगाल के गवर्नर से◾दिल्ली हिंसा : आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर से मिले पेट्रोल बम और एसिड, हिंसा भड़काने की थी पूरी तैयारी ◾TOP 20 NEWS 27 February : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾T20 महिला विश्व कप : भारत ने लगाई जीत की हैट्रिक, शान से पहुंची सेमीफाइनल में ◾पार्षद ताहिर हुसैन पर लगे आरोपों पर बोले केजरीवाल : आप का कोई कार्यकर्ता दोषी है तो दुगनी सजा दो ◾दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार को 10-10 लाख का मुआवजा देगी केजरीवाल सरकार◾दिल्ली में हुई हिंसा का राजनीतिकरण कर रही है कांग्रेस और आम आदमी पार्टी : प्रकाश जावड़ेकर ◾दिल्ली हिंसा : केंद्र ने कोर्ट से कहा-सामान्य स्थिति होने तक न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं ◾

राजस्थान में फिर उठा गुर्जर आरक्षण का मुद्दा

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण का मामला फिर गर्मा रहा है तथा नौ अगस्त को इस मुद्दे पर महापंचायत बुलाई गई है। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने आज समाज की एक बैठक में नौ अगस्त को गाजीपुर खावदा में महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है।आरक्षण को लेकर महापंचायत में संघर्ष की रण नीति तैयार की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया था लेकिन इस पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। इस मामले में उच्चतम न्यायालय में अपील भी दायर की जा चुकी है। इसके बाद राज्य सरकार ने गुर्जरों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया है लेकिन गुर्जर इससे सहमत नहीं है।

पिछले काफी समय से आरक्षण को लेकर कई निर्णय हुए लेकिन कानूनी पेच फंसने से गुर्जरों को इसका लाभ मिला ही नहीं तथा गुर्जर बार बार सड़क पर उतरने को उतारु हो जाते हैं।

सरकारी मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने बताया कि आंदोलन के बजाए सरकार के साथ रहकर इस समस्या का समाधान जल्दी निकल सकता है। सरकार को भी इस मामले में तत्परता दिखानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण को लेकर कोई ना कोई हल निकालने का प्रयास कर रही है तथा गर्ग आयोग की रिपोर्ट भी आगई जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग को मिल रहे 21 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 26 प्रतिशत करने तथा पिछड़ा वर्ग की सूची को दो भागों -- पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग में बांटने के सुझाव है।