राजस्थान में लोकसभा की 25 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य में भी आदर्श आचार संहिता लागू हो गयी है और प्रक्रिया पूरी होने तक अब सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादलों व नियुक्ति पर पूरी तरह रोक रहेगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर मतदान 29 अप्रैल को चौथे चरण में तथा 12 सीटों पर मतदान छह मई को पांचवें चरण में होगा।

उल्लेखनीय है कि भारत चुनाव आयोग ने आगामी लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा रविवार को नयी दिल्ली में की। इसके तहत 17वीं लोकसभा के गठन के लिये सात चरण में 11 अप्रैल से 19 मई तक मतदान होगा। मतगणना 23 मई को होगी।

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आनंद कुमार ने यहां कहा, “घोषित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में 25 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 13 व दूसरे चरण में 12 संसदीय क्षेत्र के लिए चुनाव होगा।” कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में 13 लोकसभा क्षेत्र टोंक-सवाईमाधोपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, उदयपुर, बासंवाड़ा, चितौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा और झालावाड़-बारां में 29 अप्रैल को मतदान होगा। पहले चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। 9 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 10 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 12 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
दूसरे चरण की अधिसूचना 10 अप्रैल को जारी होगी। इस चरण में 12 लोकसभा क्षेत्रों श्रीगंगानर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर में छह मई को मतदान होगा। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा। 18 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 22 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में चार अनुसूचित जाति, तीन अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं वहीं 18 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर केन्द्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया तथा उम्मीदवारों के खर्चे पर नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

कुमार ने कहा, “चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आचार संहिता सभी राजनीतिक दलों, सत्ताधारी दल व चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों पर लागू होगी।” उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होने से समस्त राजकीय विभागों में अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया है। जरूरी होने पर आयोग की पूर्व मंजूरी के बाद ही कोई तबादला किया जा सकेगा।

इसके साथ ही इस अवधि में सांसद व विधायक कोष से न तो नये कार्य स्वीकृत किए जा सकेंगे और जो स्वीकृत कार्य शुरू नहीं हुए हैं वे भी अब शुरू नहीं होंगे। राज्य की नवीनतम मतदाता सूची के अनुसार कुल 4.86 करोड़ से अधिक मतदाता हैं।