जयपुर : अलवर जिले की रामगढ़ सीट से नवनिर्वाचित विधायक सफिया जुबेर ने सोमवार को विधानसभा में शपथ ग्रहण की। कई दिन के स्थगन के बाद 15वीं विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सफिया जुबेर का नाम शपथ लेने के लिए पुकारा।

सफिया के शपथ लेने के दौरान सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि राज्य की कुल 200 में से 199 सीटों पर मतदान सात दिसंबर को हुआ था। बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण रामगढ़ सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। बाद में 28 जनवरी को हुए मतदान में कांग्रेस प्रत्याशी सफिया जुबेर ने जीत दर्ज की। उनकी जीत के साथ ही विधानसभा में कांग्रेस की सीटों की संख्या बढ़कर 100 हो गयी है। वहीं सफिया जुबेर के विधानसभा में आने से सदन में महिला विधायकों की संख्या बढकर अब 24 हो गयी है। इनमें कांग्रेस की 12 तथा भाजपा की दस विधायक हैं।

रामगढ़ में विधानसभा सीट पर कांग्रेस की साफिया खान जीती

सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट जीत ली है। इसके साथ ही 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 100 सीटों के साथ पर्याप्त बहुमत हो गई है। रामगढ़ सीट के लिए उपचुनाव सोमवार को हुआ। गुरुवार को हुई वोटों की गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी शफिया जुबैर को कुल 83,311 मत मिले हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वदी भाजपा के सुखवंत सिंह को 12,228 मतों से पराजित किया है। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सुखवंत सिंह को 71,083 मत मिले। वहीं बसपा उम्मीदवार जगत सिंह 24,856 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

निर्वाचन विभाग के अनुसार जुबैर को 44.77 प्रतिशत मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी को 38.20 प्रतिशत मत मिले। चुनाव में उतरे 20 उम्मीदवारों में से पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र और बसपा उम्मीदवार जगत सिंह सहित 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। चुनाव में नोटा का प्रयोग करने वाले 241 मतदाताओं में एक मतपत्र का मतदाता भी शामिल है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह कांग्रेस में लोगों के विश्वास की जीत है। पायलट ने से कहा कि राजस्थान की जनता ने एक बार फिर से कांग्रेस पर विश्वास जताया है।

सरकार की गठन के बाद यह पहला चुनाव था। परिणाम से स्पष्ट है कि भाजपा ने अपना जनाधार खो दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों में समुदायों, धर्मों और मतों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन वह विफल रही। उन्होंने कहा कि पार्टी को जीत दिलाकर विश्वास जताने के लिए वह रामगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हैं। नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक शफिया जुबैर ने कहा कि उन्होंने विकास और सांप्रदायिक सौहार्द के एजेंडे पर वोट मांगा था और इसी कारण उन्हें जीत मिली। अलवर की पूर्व जिला प्रमुख 51 वर्षीय शफिया ने कहा कि यह चुनाव विकास पर आधारित था। लोग विकास चाहते हैं और वह जानते हैं कि कांग्रेस को वोट देकर ही क्षेत्र का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि सात दिसंबर को राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ था। रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव टाल दिया गया था। रामगढ़ सीट जीतने के बाद राज्य की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पस अब 100 सीटें हैं। जबकि भाजपा के 73, बसपा के छह, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन, माकपा के दो, बीटीपी के दो और 13 निर्दलीय विधायक हैं।