कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लाने के पीछे कहीं ना कहीं कुछ राजनीति है और संविधान में कहीं भी नहीं लिखा है कि धर्म के आधार पर भेदभाव हो। पायलट ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि जिस तरह नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लोकसभा में पेश किया गया और लंबी चर्चा हुई उससे सब स्पष्ट हो गया कि इस विधेयक को लाने के पीछे कहीं ना कहीं कुछ राजनीति है और संविधान में कहीं भी नहीं लिखा है कि धर्म के आधार पर भेदभाव हो।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इतना मानता हूं कि कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक का सैद्धांतिक तौर पर विरोध किया है। इससे पहले भी इस विधेयक में कई संशोधन हुए हैं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि उत्तरपूर्व हो या देश के बाकी हिस्से हो वहां इस विधेयक का विरोध देखने में आया है।’’ पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने इसके बारे में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी नागरिकता का आधार धर्म नहीं बनना चाहिए और मैं समझता हूं कि यह जरूरी है कि कोई शरणार्थी है तो उसका धर्म नहीं देखा जाना चाहिए यह बहुत पुराना सिद्धांत है।
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पूरी दुनिया इसको मानती है और इस विधेयक को पेश करने में आवश्यकता से ज्यादा राजनीति है। पायलट ने कहा कि बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों से लोगों को ध्यान बंटाने के लिए यह विधेयक पेश किया गया है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस की 14 दिसम्बर की दिल्ली रैली देश की राजनीति को एक नया मोड देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तैयारी है और नगर निकाय में जिस तरह पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया उससे बेहतर परिणाम इसबार पंचायत में आयेंगे।


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