राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को कहा कि देश में केवल कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी को चुनौती दे सकती है और उसे हरा सकती है। साथ ही पायलट ने विश्वास जताया कि कांग्रेस की अगुवाई वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) केंद्र में अगली सरकार बनाएगा। पायलट ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों को नष्ट करने में अपनी सारी ताकत लगा देने वालों को हराने के लिए राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को साथ आना होगा।

पायलट ने कहा, ‘‘प्रमुख घटक दलों के टूटने से जहां राजग कमजोर हुआ है वहीं संप्रग के सहयोगी दलों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘2019 के आम चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व में संप्रग सरकार बनाएगा।’’ उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का बसपा तथा अन्य दलों के साथ सीटों को लेकर गठजोड़ नहीं होने पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस को कभी कमजोर नहीं आंकना चाहिए। पायलट ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में हम सभी 80 सीटों पर लड़ेंगे।

2009 में कांग्रेस ने 22-23 सीटें जीतीं थीं तो कांग्रेस को कभी भी कमजोर नहीं आंकना चाहिए। जैसा राहुल गांधी ने कहा है कि वे उस गठबंधन का सम्मान करते हैं लेकिन कांग्रेस अपने दम पर लड़ेगी और अच्छी सीटें जीतेगी।’’ पायलट ने कहा, ‘‘बीजेपी को राष्ट्रीय स्तर पर अगर कोई पार्टी चुनौती देकर हरा सकती है तो वह कांग्रेस पार्टी है। सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों को देशहित में, हिंदुस्तान की भलाई के लिए, (संवैधानिक) संस्थानों को खत्म करने में लगी ताकतों को परास्त करने के लिए मिलकर काम करना होगा।’’

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पायलट ने कहा कि बीते पांच साल में संप्रग का कुनबा लगातार बढ़ता रहा है वहीं राजग के घटक दल उससे छिटकते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘(लोकसभा) चुनाव दूर नहीं है और जिस प्रकार से बीजेपी के खेमे में खलबली मची है उससे साफ दिखता है कि बीजेपी ये चुनाव हारने जा रही है। राजग का गठबंधन लगातार कमजोर हुआ है और बीते पांच साल में आठ से दस पार्टियां उसका साथ छोड़ चुकी हैं।

चाहे वह देवेगौड़ा हों, शरद पवार हों, चंद्रबाबू नायडू हों या एम के स्टालिन … ये सभी राहुल गांधी के नेतृत्व में अपना भरोसा जता चुके हैं और 2019 में संप्रग की सरकार केंद्र में बनने जा रही है।’’ लोकसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘तीन राज्यों में जिस प्रकार से कांग्रेस की सरकारें बनी हैं… यह आने वाले लोकसभा चुनाव का भी संकेत है। 15 तारीख से हम लोग हर लोकसभा क्षेत्र के प्रमुख नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से जयपुर में मुलाकात करेंगे और लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर बहुत जल्द दिल्ली भेजेंगे।’’