रायपुर : रमन सरकार ने प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की है। दशक भर पहले तक विकास के मामले में छत्तीसगढ़ को पिछड़ा प्रदेश माना जाता था। रमन सरकार ने अपने कार्यकाल में राज्य को विकसित प्रदेश बनाने के साथ पूर्व में ही विकास की दौड़ में आगे बढ़ चुके राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है।

सरकार का दावा है कि इसके लिए बेहतर कार्ययोजना के साथ कार्यक्रमों को आगे बढ़़ाया गया। जीएसडीपी की दरें संतुलित करने के साथ वित्तीय प्रबंधन में भी राज्य ने कौशल दिखाया है। मुख्यमंत्री रमन सिंह के मुताबिक सुशासन, नवाचार और जनहितकारी योजनाओं के चलते प्रदेश को व्यापक प्रतिष्ठा मिली है। यही वजह है कि प्रदेश ने विकास की तमाम गतिविधियों को सक्रिय भागीदारी के साथ आगे बए़ाते हुए उपलब्धियां दर्ज की है।

राज्य के लिए चुनावी साल में इन उपलब्धियों को अहम माना जा रहा है। चुनावी मैदान में इसी विकास के मुद्दे पर सरकार जोर लगाएगी। वहीं उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने भी रणनीति तय की गई है। सरकार का दावा है कि युवा प्रतिभाओं के साथ, अध्ययन और नई टेक्नालाजी के साथ प्रशासनिक कामकाज को अागे बढ़ाने के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना आगे चलकर बेहतर साबित हो सकती है। सरकार ने प्रशासनिक कामकाज की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ अंत्योदय के लक्ष्य की ओर भी आगे बढऩे की तैयारी की है।

सकारात्मक विकास के सहारे मिली उपलब्धियों को केन्द्र सरकार ने भी सराहा है। दिल्ली में सत्ता बदलने के बाद लंबित परियेाजनाओं को मंजूरी मिलने के साथ फंड में भी बढ़ोतरी हुई है। सरकार की कोशिश विकास की इस रफ्तार को बरकरार रखने की होगी। हालांकि इसमें अभी भी कई चुनौतियां हैं। इसके बावजूद लक्ष्य को लेकर रमन सरकार ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।

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