बीते हफ्ते न्यूजीलैंड के काइस्टचर्च में दो मस्जिदों में गोलाबारी हुई और उस हादसे में 50 लोगों की जाने चली गईं। न्यूजीलैंड में जो मुस्लिम रहते हैं वह इस हमले के बाद खौफ में जी रहे हैं। न्यूजीलैंड की महिलाओं ने उन सभी लोगों का खौफ बाहर निकालने के लिए एक बहुत प्यारा कदम उठाया है।

इस कदम का नमा #headscarfforharmony रखा है। इस कैम्पेन के तहत मुस्लिम समुदाय को समर्थन देने के लिए न्यूजीलैंड की महिलाएं हिजाब पहन रहीं हैं। इसके साथ वह अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर headscarfforharmony हैशटैग के साथ शेयर कर रहीं हैं और मुस्लिम समुदाय को समर्थन दे रही हैं।

इस कैम्पेन की शुरूआत किसने की?

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट:https://twitter.com/Reuters/status/1108946588326453249

खबरों के अनुसार, न्यूजीलैंड की Thaya Ashman ने इस कैम्पेन की शुरूआत की है। उन्होंने सुना था कि न्यूजीलैंड में रहने वाले मुस्लिम समुदाए के लोग इस हादसे के बाद बहुत घबरा चुके हैं और उनके मन में यह बात बैठ गई है कि अगर वह घर के बाहर अपना सिर ढककर निकलेंगे तो उन्हें आतंकवादी अपना निशाना बना लेगें। इसी वजह से मुस्लिम महिलाओं के दिल से यह खौफ निकालने के लिए Thaya ने यह खूबसूरत कदम उठाया है।

आपसे हम मोहब्बत करते हैं!

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/WerdumMMA/status/1108658503776985088

Thaya ने एक इंटरव्यू में कहा, मैं यह कहना चाहती हूं कि हम आपके साथ हैं, हम चाहते हैं कि आप सड़कों को भी अपना घर समझें, हमें आपसे प्यार है, हम आपका समर्थन और आपकी इज्जत करते हैं। इस कैम्पेन का मकसद मुस्लिम समुदाय को यह बताना है कि हम उनके साथ हैं।

समर्थन करने के लिए बच्चियों ने भी ढके अपने सिर

अपने मुस्लिम दोस्तों के लिए

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/PrettyMesmerise/status/1108945178499244034

क्राइस्टचर्च के लिए

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/gazzafloyd/status/1108814615389982720

सब एकजुट हों

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/WorldHijabDay/status/1108835732939030530

इस तस्वीर में लड़की ने समर्थन करते हुए कैप्शन में लिखा, मैं माफी चाहती हूं कि मैं सिर को सही तरीके से नहीं ढक सकी। लेकिन मैं ऐसा करके सिर्फ यह बताना चाहती हूं कि मैं मुस्लिम महिलाओं के समर्थन में हूं। सब एकजुट हों।

आखिर क्यों यह आदमी अपनी नौकरी छोड़ शेरों के साथ रहने पर हुआ मजबूर?