हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर सब कुछ तेजी से बदलता है और हम सब इस बदलाव में अच्छे से ढल जाते हैं। हमारी नौकरियां हमें कमों में इतना बिजी रखती हैं कि हमें दूसरी चीजें करने के लिए समय ही नहीं मिलता है और हम उसके लिए बहुत संघर्ष करते हैं जैसे परिवार, शौक, दोस्त इन सारी चीजों के लिए समय निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है।

हालांकि हर किसी की अपनी एक कहानी होती है खासतौर पर कामकाजी महिलाओं को कई सारी चुनौती का सामना करना पड़ता है और वह अपनी जिंदगी में कई बलिदान देती हैं पर उनके बलिदानों को कोई नहीं देखता है।

आज भी महिलाओं और मर्दों के बीच में एक बहुत बड़ी असमानता है जिसकी वजह से औरतें अभी भी पीछे ही दिखाई देती हैं। महिलाओं को अपने काम पर जाने से पहले अपने घर के सारे काम पूरे करने होते हैं और फिर उसके बाद उनका पूरा दिन कामों से ही भरा होता है। उनका दिन कई बिजी शेड्यूल से होता है।

आनंद महिंद्रा ने दिल छूने वाला ट्वीट किया

हाल ही में आनंद महिंद्रा ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर एक दिल जीत लेने वाला पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि वह पिछले सप्ताह अपने एक साल के पोते को वह संभाल रहे थे और इसी दौरान उन्हें इस बात का एहसास हुआ।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि, मैं हर उस कामकाजी महिला को सलाम करता हूं और स्वीकार भी करता हूं कि उनकी सफलताओं को अपने पुरुष समकक्षों की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में प्रयास की आवश्यकता है।

यहां पढें ये ट्वीट-

बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर महिलाओं के द्वारा जो काम किया जाता है वह एप्पल के सालाना कारोबार से 43 गुना है। इसके अलावा जो महिलाएं अपने घरों और बच्चों को संभालती हैं वह देश के अवैतनिक कार्य की जीडीपी का 3.1 प्रतिशत में आता है।

अवैतनिक देखभाल कार्यां में शहरी क्षेत्रों में महिलाएं एक दिन में 312 मिनट देती हैं तो वही ग्रामीण इलाकों में वह एक दिन में 291 मिनट देती हैं। वहीं इन कामों में महिलाओं की तुलना में पुरुष शहरी में महज 29 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 32 मिनट ही देते हैं। जो कि बहुत बड़ा अंतर है।