आपने दुनिया के कई खूबसूरत रेलमार्गों के बारे में सुना होगा। प्रकृति के बीच से गुजरने वाली कई ऐसी रेल यात्रायें है जो एक नैसर्गिक अहसास दिलाती है। भारत में भी कई ऐसे रेल मार्ग है जो सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रही है जैसे कालका शिमला रेल लाइन, दार्जलिंग रेल मार्ग और महाराजा रेल।

रेल मार्ग

आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसे रेल मार्ग के बारे में जो भारत में तो नहीं है पर दुनिया भर में अपने अनोखेपन के लिए मशहूर है। इस रेल लाइन पर ऐसे विहंगम दृश्य की भरमार है जो शायद आपको दुनिया में कही और देखने को न मिले। आईये नजर डालते है रोमांच से भरपूर इस रेल मार्ग की अनोखी खासियतों पर….

" ट्रेन टू द क्लाउड" रेल मार्ग

अर्जेंटीना में समुद्र तल से चार हजार मीटर की ऊंचाई पर एंडीज पर्वत श्रृंखला से एक ऐसी ट्रेन गुजरती है जिसे ‘ट्रेन टू द क्लाउड’ कहा जाता है। यह रेल लाइन दुनिया के सबसे ऊंचे रेल रूटों में से एक है।

" ट्रेन टू द क्लाउड" रेल मार्ग

यह ट्रेन जब कुछ खास इलाकों से गुजरती है तो ऐसा मालूम पड़ता है कि यह बादलों को चीर कर आगे बढ़ रही है। असल में तब रेलवे लाइन के दोनों तरफ भारी बादल होते हैं।

" ट्रेन टू द क्लाउड" रेल मार्ग

इस रेल रूट की शुरुआत अर्जेंटीना की सिटी ऑफ साल्टा से होती है। इसकी ऊंचाई 1,187 मीटर है।यह रेलमार्ग वैली डी लेर्मा से गुजरते हुए क्वेब्रेडा डेल टोरो से ला पोल्वोरिला वियाडक्ट (4200 मीटर) पर खत्म होता है।

" ट्रेन टू द क्लाउड" रेल मार्ग

ट्रेन 16 घंटे के सफर में 217 किमी की यात्रा करती है, जिसमें 3000 मीटर की चढ़ाई भी चढ़ती है। इस मार्ग में ट्रेन 29 पुल और 21 टनल को क्रॉस करती है।

" ट्रेन टू द क्लाउड" रेल मार्ग

इस रेलमार्ग का निर्माण 1920 में हुआ था। इस प्रोजेक्ट के हेड अमेरिकी इंजीनियर रिचर्ड फोन्टेन मरे थे। दुनिया भर से लाखों सैलानी हर साल इस रेल मार्ग का आनंद उठाने के लिए अर्जेंटीना आते है। जाहिर सी बात है तस्वीरें देख कर आपको भी इस रेलमार्ग की यात्रा करने का मन करने लगा होगा।

क्या आप जानते है रेल का इंजन क्या एवरेज देता है , जवाब जानकार रह जायेंगे हैरान !