भारत के दूसरे सबसे अमीर आदमी अजीम प्रेमजी ने बीते बुधवार को ऐलान किया कि वह 52,750 करोड़ रुपए के अपने 34 शेयर दान दे रहे हैं। आईटी की विप्रो कंपनी में अजीम प्रेमजी चेयरमैन हैं और उन्होंने अपने 34 शेयर अजीम प्रेमी फाउंडेशन को दान किए हैं।

फाउंडेशन से जुड़ी जितनी भी गतिविधियां होंगी उसके फायदे के लिए प्रेमजी के यह शेयर इस्तेमाल किए जांएगे। बीते बुधवार को अजीम प्रेमी फाउंडेशन ने बताया कि इस दान के बाद फाउंडेश के काम आसानी से होंगे और किसी भी काम को करने के लिए अब सोचना नहीं पड़ेगा।

फाउंडेशन ने अपने बयान में बताया कि, अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का ज्यादा से ज्यादा दान कर उसे सामाजिक काम में देकर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है, जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा।

लोगों ने अजीम प्रेमजी को कहा कॉर्पोरेट जगत का रॉबिन हुड

सोशल मीडिया पर अजीम प्रेमजी की बहुत तारीफ की और कुछ ने तो इन्हें कॉर्पोरेट के रॉबिन हुड तक बोल दिया।

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/sacredjobshr/status/1106048024847880192

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/vikaspahwasradv/status/1106068983843827712

इतने करोड़ का दान कर चुके हैं प्रेमजी

बता दें कि अजीम प्रेमी की फाउंडेशन ने बेंगलुरू में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के नाम से स्थापना भी की है। यह यूनिवर्सिटी शिक्षा से जुड़े पेशेवर को तैयार करती है। इसके साथ ही यह फाउंडेशन स्कूली शिक्षा प्रणली में सुधार करने के लिए कई तरह के योगदान भी करती है। जिला और राज्य के स्तर पर स्कूल की शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने में योगदान करती है इसके साथ ही वह संस्थानों के नेटवर्क को भी मजबूत करने में कई तरह के काम यह फाउंडेशन करता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिल गेट्स और वारेन बफेट की तरफ से शुरू हुई द गिविंग प्लेज पर अजीम प्रेमजी पहले भारतीय थे जिन्होंने हस्ताक्षर किए थे। इस पहल से दुनिया भर के जितने भी अरबपति हैं वह अपनी कमाई का आधा हिस्सा सामाजिक कार्यों के लिए दान करते हैं।

इसके अलावा अजीम प्रेमजी को फ्रांस का सबसे सम्मानित पुरस्कार शेवेलियर डी ला लीजन डी ऑनर से भी नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान आईटी उद्योग में विकसित करने, फ्रांस में आर्थिक दखल देने और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं विश्वविद्यालय के जरिए एक समाजसेवी के रूप में समाज में योगदान करने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया है।

भारत देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनियों में विप्रो का नाम आता है औैर उस कंपनी के प्रेमजी चेयरमैन हैं और उन्होंने अब अपने फाउंडेशन में 1.45 करोड़ रुपए का दान दे दिया है।