आषाढ़ शुक्ल द्वितीया यानि 14 जुलाई 2018 (शनिवार) को रथ यात्रा शुरू हो रही है। रथ यात्रा मुख्य रूप से भगवान जगन्नाथ की होती है। जिसमें जगन्नाथ का 45 फीट ऊंचा रथ होती है। रथ यात्रा उड़ीसा में मनाया जाने वाला त्योहार है। इस यात्रा में भाग लेने के लिए हर साल दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह त्योहार पूरे 9 दिन तक जोश और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इन दिनों भगवान जगन्नाथ का गुणगान किया जाता है।

इसी बीच आपको बता दे कि जगन्नाथ मंदिर की यह मान्यता है कि ज्येष्ठ की भीषण तपिश से बचाने के लिए पूर्णमासी को प्रभु जगन्नाथ को ठंडे जल से स्नान कराया जाता है। इस स्नान से प्रभु को बुखार चढ़ जाता है। इसी मान्यता के चलते जनरलगंज स्थित बाईजी और बिरजी भगत मंदिर में आजकल प्रभु जगन्नाथ की सेवा चल रही है।

बता दे कि भक्‍त अपने प्रभु को बीमार मानकर ए‍क नन्‍हे शिशु की भांति उनकी सेवा करते हैं। उन्‍हें देसी वस्‍तुओं से बना काढ़ा पिलाया जाता है। इस वक्‍त उन्‍हें चटपटी चीजें नहीं बल्कि केवल मौसमी फल और परवल का जूस दिया जाता है। 15 दिन के उपचार के बाद भगवान जगन्‍नाथ स्‍वस्‍थ होते हैं और अपने भाई बलभद्रजी और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी रोहिणीजी के यहां भेंट करने जाते हैं।

ज्‍येष्‍ठ मास की पूर्णिमा से अमावस्‍या तक अपने प्रभु को बीमार मानकर एक बालक की भांति उनकी सेवा की जाती है। इस दौरान मंदिर के पट बंद रहते हैं और भगवान को सिर्फ काढ़े का ही भोग लगाया जाता है। यहां यह भी माना जाता है कि एक तरह से प्रभु भक्तों का कष्ट अपने ऊपर लेते हैं।

आषाढ़ सुदी द्वितीया इस बार 14 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन सुबह जगन्नाथ मंदिर बाईजी, जगन्नाथ महाराज मंदिर बिरजी भगत में सुबह 5:30 बजे आरती होगी। इसके बाद शृंगार होगा और भक्तों के दर्शन के लिए पट खोल दिए जाएंगे। 14 जुलाई को बाईजी मंदिर से प्रभु की भव्य रथयात्रा निकलेगी।