दान की महिमा का हर धर्म में अपना खास महत्व माना जाता है और इससे न सिर्फ शुभ फल की प्राप्ति होती है बल्कि आत्मिक शांति भी प्राप्त होती है। दान भी कई तरह के होते है। ऐसा कोई नही जिसके जीवन में कोई ना कोई समस्या ना हो, लेकिन यदि समस्या हैं तो उसका हल भी अवश्य हैं।

Donationअपने परेशानी से निजात पाने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं, वह कभी हार्ड वर्क करते हैं तो कभी विभिन्न प्रकार से पूजा पाठ करते हैं। कई लोग तो अपने जीवन में आने वाली समस्या के निदान के लिए माँ काली की आराधना भी करते हैं।

Donationकार्तिक कृष्ण दशमी पर माँ काली के पूजन को सबसे फलदाई माना गया हैं।महाकाली देवी को सभी देवी देविताओ में पूजनीय तथा अनेको सिद्धि प्रदान करने वाली देवी के रूप में जाना जाता हैं और उनकी आराधन की जाती हैं।

Donationपुराणों में इसका वर्णन करते हुए बताया गया हैं की कृष्ण पक्ष और दशमी तिथि, दशमहाविद्या को समर्पित मानी जाती है और महाकाली दस महाविद्या में से प्रथम महाविद्या मानी जाती हैं। आपकी जानकरी के लिए बता दे की दस महविद्या में से पहली महाविद्या का दर्जा महाकाली को प्राप्त हैं।

Donationएक बात अवश्य ध्यान रखे की इस विशेष पूजा को सदैव पश्चिम की तरफ मुख करके माँ काली का दशोपचार पूजा पाठ कीजिये। सरसों के तेल का दीपक जलाने के बाद लोहबान से धुप करे तथा तेजपत्ता के चढावे को ना भूलियेगा।

Donationइसके बाद सुरमा का चढावा कीजिये और लौंग, नारियल, काली मिर्च, बादाम चढ़ाएं तथा रेवड़ियों का भोग लगाकर विशिष्ठ मंत्रो का 108 बार जप कीजियेगा। सबसे बाद में इन रेवडियो को किसी कुंवारी लड़की को प्रसाद के तौर दीजिये|ऐसा करने से आपके सामने आने वाली सभी परेशानियो का अन्त हो जायेगा।

Donationजैसा की सभी जानते हैं आदि काल से ही माँ पार्वती को आदिशक्ति के रूप में पहचान प्राप्त हैं और महाकाल शिव के साथ महाकाली का रूप धारण किये हुए हुए हैं। मान्यता के अनुसार महाकाल और महाकाली की सच्चे मन से पूजा करने के वाले का काल भी अहित नही कर सकता हैं।

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