रायपुर : छत्तीसगढ़ में लोक सुराज अभियान खत्म होते ही फिर सरकार विदेशी निवेश के लिए संभावनाएं टटोलेगी। विदेशी निवेश को लेकर सरकार फिर से उद्यमियों से सीधी चर्चा कर उन्हें आमंत्रित करेगी। मुख्यमंत्री की अगुवाई में एक दल 28 मई से विदेश के दौरे पर जाएगा। दक्षिण कोरिया एवं जापान के दौरे में राज्य में आईटी सैक्टर समेत अन्य सैक्टरों के लिए चर्चा कर निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के साथ अफसरों का दल 7 मई को स्वदेश लौटेगा।

नई राजधानी में विभिन्न उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार ने पहले ही कई उद्योगपतियों से चर्चा की है। इससे पहले चीन समेत अमेरिका के दौरे में भी वहां के उद्योगपतियों से चर्चा की गई थी। वहीं बड़ी तादाद में एमओयू भी हुए थे। राज्य सरकार की ओर से देशभर में महानगरों में घूमकर पहले वन-टू-वन चर्चा हो चुकी है। निवेश के लिए राज्य में देश के बड़े उद्योग समूहों को आमंत्रित किया गया था। अब सरकार की नजर विदेशी निवेश पर है।

विदेशी निवेश के साथ ही उद्योगों को सरकार की ओर से बड़ी रियायत देने की भी तैयारी है। राज्य की उद्योग नीति में पहले ही नियमों को सरल करते हुए रास्ते खोले गए हैं। सरकार ने ऐलान किया है कि उद्योगों के राजी होने की स्थिति में सरकार तत्काल उन्हें जमीन भी उपलब्ध करा देगी। राज्य में पानी और कोयले की प्रचुरता के साथ नैसर्गिक संपदा के चलते उद्योगों को रिझाने में सफलता भी मिली है।

इस बार सरकार की ओर से नई तैयारियों के साथ विदेश के उद्योग समूहों से चर्चा होगी। आईटी एवं कृषि के क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार ने अधिक जोर दिया है। इसके अलावा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के मामले में भी निवेश के लिए प्राथमिकताएं तय की है। हालांकि विदेशी निवेश के मामले में पिछले दौरे में उम्मीद के अनुरूप निवेश नहीं आ पाया। इस बार सरकार की ओर से अधिक रियायतों और सुविधाओं के साथ चर्चा करने की तैयारी है।

– आशीष शर्मा