धर्म एक ऐसा विषय है जो इंसान के जन्म से लेकर मरण तक जीवन पर अपना प्रभाव बनाए रखता है। दुनिया भर में आस्था का पालन करने वाले लोग है जो अलग अलग तरीकों और मजहबों के नाम पर ऊपर वाले में विशवास रखते है। खासकर भारत में आपको बहुत कम लोग ऐसे मिलेंगे जो नास्तिक हो तो आप कह सकते है की भारतीय लोग भगवान में बहुत आस्था रखते हैं।

सिगरेट वाले बाबा

इसी आस्था के चलते वो कोई भी गंदा काम भगवान् के मंदिर के आगे नहीं करते। जैसे सिगरेट पीना, शराब पीना ये सब मंदिरों और मस्जिद से दूर होइ रखते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी मस्जिद के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ पर सिगरेट चढ़ाई जाती है। जी हाँ, सही कह रहे हैं हम।

सिगरेट वाले बाबा

दरअसल, लखनऊ के मूसा बाग में एक बहुत ही चर्चित मज़ार है जिसे ‘सिगरेट बाबा’ के नाम से जाना जाता है। जी हाँ, यहाँ पर आने वाला हर शख्स सिगरेट चढ़ा कर जाता है, और ये मानना है कि ऐसा करने से मन की मुराद पूरी होती है।

सिगरेट वाले बाबा

इस मज़ार के बारे में कहा गया है कि यह मजार एक अंग्रेज सैनिक कैप्टन वेल्स के नाम पर बनी है जिसे हिन्दू और cigarette मुस्लिम दोनों ही मानते हैं। इन्हे कई नाम से जाना जाता है जैसे कप्तान साहब उर्फ सिगरेट बाबा।

सिगरेट वाले बाबा

यहाँ पर सिगरेट चढाने के पीछे लोगों का ये कहना है कि कप्तान को सिगरेट पीने का काफी शौक था इसलिए यहाँ पर आने वाले लोग सिगरेट की भेंट इस मजार को चढ़ाते हैं। इन्हे लोगों ने एक संत का दर्जा भी दिया है।

सिगरेट वाले बाबा

मान्यता के रूप में ये माना जाता है कि सिगरेट चढ़ाने से बाबा प्रसन्न होंगे और उनकी मुरादे पूरी करेंगे। आपको बता दे, मजार पर जाने के लिए लखनऊ शहर से बाहर जाना होगा।

सिगरेट वाले बाबा

आपको हरदोई रोड से कुछ दूरी पर मूसाबाग के खंडहर नजर आएंगे और इनके पीछे स्थित है हजरत सैयद इमाम अली शाह की दरगाह जहाँ से आप थोड़ा आगे चलते हैं तो खेतों के बीच यह मजार है जिसे सिगरेट बाबा की मजार के नाम से जाना जाता है।

भारत के प्रसिद्ध गुरुद्वारा साहिब, जो बेहद दर्शनीय और दुनियाभर में मशहूर है !