बीते 16 अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी का निधन हो गया और पूरा देश शोक में डूब गया। निश्चित रूप से अटल जी का निधन भारत के लिए बहुत बढ़ी क्षति है । जिस तरह अटल जी के निधन पर पूरा देश रोया है उसी तरह भारतीय इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएँ भी हुई है जो काले दिन के रूप में याद की जाती है।

भारतीय इतिहास के काले दिन

इतिहास हमे अपने अस्तित्व से अवगत कराता है ये बात 100 प्रतिशत सही है। कुछ बाते हमे गौरवशाली होने का एहसास कराती है तो भारतीय इतिहास की कुछ दुखद घटनाएं हमारी आँखे नम कर जाती है । हम आपके लिए आजाद भारत के भारतीय इतिहास के पन्नों से ऐसी ही कुछ तस्वीरें लाये है जिन्हें देखकर आप भावुक हो उठेंगे। ये तस्वीरें हमे साथ ही आइना भी दिखाती है की इतिहास में हमने क्या खोया और साथ ही ये एहसास कराती है आने वाले भविष्य में हम ये गलतियां दुबारा न दोहराये।

भारतीय इतिहास के 8 काले दिन

1.गांधी जी का निधन:

भारतीय इतिहास के काले दिन

30 जनवरी 1948 में भारत ने अपना राष्ट्रपिता खो दिया। इस दुखद घटना से पुरे देश में गम की लहर दौड़ गयी थी और हम आज भी अगर गांधी जी की ये आखिरी तस्वीर देखे तो आँखे नाम हो जाती है। भारतीय इतिहास के लिए ये सबसे बड़ी क्षति थी।

2.ताज हमला:

भारतीय इतिहास के काले दिन

26 नवम्बर 2008 भारत के इतिहास का वो काला दिन है जिसने पुरे देश को ग़मगीन किया और साथ ही हमारी सम्प्रभुता पर गहरी चोट की। हमले में 164 लोगों की मौत हो गई थी। लगभग 308 लोग घायल हो गए थे।

3.सिख दंगे :

भारतीय इतिहास के काले दिन

वर्ष 1984 में हुए सिख दंगों से देश को हिला दिया था। इस दंगे में हजारों बेगुनाह सिख मारे गए और पुरे देश ने दहशत की पराकाष्ठा देखी थी। भारतीय इतिहास में ये एक भयावह घटना है ।

4.गुजरात दंगे :

भारतीय इतिहास के काले दिन

वर्ष 2002 में गुजरात में हुए हिन्दू -मुस्लिम दंगों की आंच पुरे देश ने महसूस की। इस दंगे में दोनों समुदाय के लगभग 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

5.डॉ. एपीजे कलाम का निधन:

भारतीय इतिहास के काले दिन

2 जुलाई 2015 को देश के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे कलाम के निधन की खबर जब सबको मिली तो अधिकांश का दिल भर आया था। यह देश के लिए एक बड़ी क्षति थी।

6.सुनामी :

भारतीय इतिहास के काले दिन

वर्ष 2004 में आई इस प्राकृतिक आपदा ने हजारों लोगों की जान लेली और लाखों लोगों को बेघर कर दिया। भारतीय इतिहास में भारत ने इससे पहले इतनी भयंकर आपदा नहीं झेली थी जिसके जख्म आज भी लोगों को याद है।

7.भोपाल गैस त्रासदी:

भारतीय इतिहास के काले दिन

3 दिसम्बर 1984 को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड नामक कंपनी के कारखाने से मिथाइल आइसो साइनाइट (मिक) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इसमें कई हजार लोगों की मौत हो गई थी। हजारों लोग शारीरिक अपंगता और अंधेपन का शिकार हुए थे। भारतीय इतिहास ने ऐसा दर्दनाक मंज़र नहीं देखा था।

8.निर्भया कांड:

भारतीय इतिहास के काले दिन

6 दिसम्बर 2012 को दिल्ली में हुई एक सामूहिक बलात्कार ने पुरे देश को झकझोर कर रख दिया जिसके चलते पुरे देश में लाखों लोगों ने देश भर में प्रदर्शन और मार्च निकाले। ये दिन भारतीय इतिहास एक शर्मनाक और काले दिवस के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।

कुदरत का ऐसा बरसा कहर की कुछ पलों में पत्थर बन गए इस शहर के 20,000 लोग !