मध्यप्रदेश के ङ्क्षभड शहर में एक बुजुर्ग महिला के हाथ से डंडा लग जाने से गाय के बछडे की मौत पर पंचायत ने उसे सात दिन भीख मांगने फरमान जारी किया है। बताया गया है कि वार्ड नम्बर 39 में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला के हाथ से गाय के बछड़े में डंडा लग जाने से मौत क्या हुई वार्ड में तत्काल श्रीवास समाज ने पंचायत बुलाई और पंचायत ने माना कि महिला ने गौवंश हत्या की है, इसलिए उसे 7 दिन गांव से बाहर रहकर भीख मांगना पड़ेगी और गंगा स्नान करने जाना पड़ेगा।

पंचायत के फरमान से दहशत में आए महिला के परिवारजनों ने महिला को उसकी बेटी जो मुरैना जिले के पोरसा में रहती है वहां भिजवा दिया। महिला की अपनी बेटी के घर में तबियत बिगडऩे पर उसे भिंड के शासकीय जिला चिकित्सालय में दाखिल कराया गया। पंचायत का फरमान जारी करने वालों को कहीं पता न चल जाए कि महिला का भिंड अस्पताल में इलाज चल रहा है इसके डर से उसे भिंड अस्पताल से ले जाकर उसका गुप्त स्थान पर इलाज कराया जा रहा है।

वार्ड 39 मातादीन का पुरा में श्रीवास नगर में कमलेश देवी (55) गत 31 अगस्त को सुबह घर के बाहर गाय का दूध निकाल रही थीं। इसी दौरान बछड़ा दूध पीने के लिए आ गया। कमलेश देवी ने बछड़े को अलग किया, लेकिन वह हटा नहीं तो उन्होंने डंडे से उसको हटाया। डंडा लगने से बछड़े की मौत हो गई। घटना की जानकारी समाज के लोगों को हुई तो तत्काल समाज की पंचायत बुलाई गई।

पंचायत ने फैसला सुनाया कि कमलेश देवी के हाथ से बछड़े की मौत हुई है, जो गोवंश की हत्या है। ऐसे में उन्हें सात दिन घर से बाहर रिश्तेदारों के घर या गांव में रहकर भीख मांगनी होगी और फिर गंगा स्नान करना होगा। गंगा स्नान के बाद घर आकर कन्या भोज करेंगी। तब उनके सिर से बछड़े की मौत का पाप हटेगा। श्रीवास समाज के अध्यक्ष शंभूदयाल श्रीवास ने कहा है कि पंचायत नहीं बुलाई गई थी।

कमलेश देवी ने स्वयं फैसला लिया था कि उसके हाथ गौवंश का बछडा मरा है, इसलिए वह हिन्दू रीति-रिवाज के मुताबिक सात दिन घर में नहीं रहेंगी, सात दिन भीख मांगेंगी उसके बाद गंगा स्नान करने जाएगी तथा वापस घर आकर कन्या भोज करायेगी तब उनका पाप खत्म होगा। इस मामले में पुलिस अधीक्षक अनिल ङ्क्षसह कुशवाह ने बताया कि पंचायत के फैसले की उन्हें जानकारी मिली है। भिण्ड देहात थाना पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।