हर देश में अपनी सुरक्षा एजेंसियां होती है जैसी सेना, पुलिस आदि जो देश के साथ साथ प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए बनायीं जाती है। कई लोग खुद की सुरक्षा के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों से भी सहायता लेते है। सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के अलावा कुछ गैर सरकारी सुरक्षा एजेंसियां भी होती है तो पारिश्रमिक के बदले सुरक्षा सिक्योरिटी सुविधा मुहैया कराती है।

सिक्योरिटी

निजी सुरक्षा कर्मियों को बॉडी गॉर्ड या पर्सनल सिक्योरिटी के रूप में भी जाना जाता है। आज जानते है सुरक्षा के पैमाने क्या होते है और इन्हे किन श्रेणियों में बांटा गया है।

सिक्योरिटी

भारत में नेताओं, अधिकारियों और बड़ी शख्सियतों या किसी शख्स की सुरक्षा को खतरा देखते हुए सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराती है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए जेड प्लस, जेड, वाई और एक्स कैटगरी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। भारत में करीब 450 लोगों को इस तरह की सुरक्षा मिली हुई है।

सिक्योरिटी

जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा देश की सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जाती है। इसके तहत 36 सुरक्षाकर्मी तैनात होते हैं। इसमें एनएसजी, एसपीजी कमांडो, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं।

सिक्योरिटी

इस सुरक्षा में पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी और दूसरे घेरे का जिम्मा एसपीजी कमांडो के पास होता है। देश में 15 लोगों को जेड प्लस कैटगरी की सुरक्षा दी गई है।

सिक्योरिटी

जेड कैटगरी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या 22 होती है। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और सीआरपीएफ के जवान शामिल होते हैं। जेड कैटगरी की सुरक्षा जिस व्यक्ति को दी जाती है उसे एक एस्कॉर्ट और पायलट भी दिए जाते हैं।

सिक्योरिटी

वाई कैटगरी की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मियों की संख्या घटकर 11 हो जाती है। इसमें दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर शामिल होते हैं। एक्स कैटगरी की सुरक्षा में दो सुरक्षाकर्मी प्रदान किए जाते हैं। जिसमें एक पीएसओ भी शामिल होता है।

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