दुनिया जिस गति से बढ़ रही है हर इंसान भी चाहता है उसका भी हर काम  तेजी से पूरा हो। इन्तजार करने की आदत हम सब में कम होने लगी है। आजकल आपने एक बात पर गौर किया होगा की बच्चों के हाथों में पेंसिल बाद में आती है पहले वो मोबाइल पर हेल्लो बोलना जल्दी सीख जाते है।

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ये बात देखने में अच्छी जरूर लगती है पर इसके कई गंभीर नुक्सान है।पहले जहां हम ज़रूरी नोट्स लिखने के लिए पेन और पेंसिल का इस्तेमाल करते थे, तो वहीं अब मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप पर लिखना हमारी आदत बन चुका है।

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बाकि सब तो ठीक है, लेकिन ये नई टेक्नोलॉजी आपके बच्चों के लिए काफ़ी घातक साबित हो सकती है। इस पर वैज्ञानिकों का कहना है कि आज के बच्चे टचस्क्रीन टेक्नोलॉजी के इतने ज़्यादा आदी हो चुके हैं कि वो पेन और पेंसिल को अच्छी तरह पकड़ नहीं पाते हैं। यही वजह है कि उनकी उंगलियों की मांसपेशियां भी कमज़ोर हैं।

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विशेषज्ञों का कहना है, ‘स्कूल में प्रवेश करने वाले बच्चों को पेंसिल दी जा रही है, लेकिन वो उसे पकड़ने में सक्षम नहीं है और इसका कारण है कि उनके अंदर फ़ंडामेंटल मूवमेंट्स की कमी होना।

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पेंसिल को सही से पकड़ने और उसका इस्तेमाल करने के लिए उंगलियों की मांसपेशियां मज़बूत और नियंत्रित होनी चाहिए, जो कि आजकल के बच्चों में नहीं पाई जाती। ‘

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iPads का इस्तेमाल करने के कारण बच्चों की ऊंगलियों को बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रेडिशनल एक्टिविटी और खिलौनों को पकड़ा कर बच्चों की ऊंगलियों की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है।

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मतलब ये है कि अगर टेक्नोलॉजी के कुछ फ़ायदे हैं, तो उतने ही नुकसान भी हैं। इसीलिए अपने बच्चों को डिजिटल दुनिया से थोड़ा दूर रखिए, क्योंकि इसी में उनकी भलाई है।

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