लैपटॉप एक ऐसी चीज हैं जो आज कल हर घर में मिल जाता हैं। लैपटॉप की ख़ास बात यह हैं कि आप इसे अपनी सुविधा के अनुसार कही भी आसानी से ले जा सकते हैं। यही कारण हैं कि आजकल PC (पर्सनल कंप्यूटर) का मार्केट कम होता जा रहा हैं।

आप में से कई लोग लैपटॉप चलाते समय उसका अलग अलग तरीके से उपयोग करते होंगे. उदाहरण के लिए कुछ लोगो को लैपटॉप टेबल पर रख के चलाने की आदत हैं तो कुछ इसे बेड पर रख के चलाते हैं। वहीँ कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ज्यादातर समय इसे अपनी गोद या जांघो के ऊपर रख कर चलाना पसंद करते हैं।

ये लैपटॉप चलाने की सबसे कॉमन और आरामदायक पोजीसन हैं. जब लैपटॉप आपकी गोद या जांघो पर होता हैं तो आप आसानी से टीक कर या आधे लेट कर भी इसे चला सकते हैं। इस पोजीशन में लोग घंटो तक फिल्मे देखते रहते हैं, इन्टरनेट चलाते हैं या काम भी कर लेते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी गोद में लैपटॉप रखकर आप बहुत बड़ा रिस्क ले रहे हैं। हाल ही में अमेरिका की एक स्वास्थ संस्था ने 500 पुरुषो पर एक रिसर्च करी हैं।इस रिसर्च में 250 पुरुष लैपटॉप को रोजाना अपनी गोद में रखकर चला रहे थे वहीँ बाकी के अन्य पुरुष लैपटॉप को टेबल पर रख के चला रहे थे।

एक साल तक पुरुष की इन आदतों की निगरानी करने के बाद जब इनकी जांच की गई तो काफी चौकाने वाले रिजल्ट निकले।

जो पुरुष रोजाना टेबल पर रख के लैपटॉप चलाते थे उनके शुक्राणुओं की संख्या और हेल्थ पर इसका कोई असर नहीं पड़ा जबकि जो पुरुष लैपटॉप को गोद में रखकर चलाते थे उनकी शुक्राणुओं की संख्या तो घटी ही साथ ही जो शुक्राणु उनके अन्दर मौजूद थे उनकी क्वालिटी में भी गिरावट आ गई।

दरअसल जब हम लैपटॉप को गोद में रखकर काम करते हैं तो इस से कुछ हानिकारण रेडिएशन निकलती हैं। ये रेडिएशन हमारे शुक्राणुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. यदि आप लैपटॉप को लम्बे समय तक गोद में रख घंटो काम करते रहेंगे तो आगे चलकर आपको नपुंसक भी बना सकती हैं।

जब भी आप लैपटॉप का उपयोग करे तो इसे अपनी गोद या प्राइवेट पार्ट के ठीक ऊपर रखने से बचे। आप इसे टेबल, जमीन या बेड पर रख सकते हैं. बाजार में लैपटॉप पैड (छोटी टेबल) भी मिलती हैं जिसे आप बेड पर रख सकते हैं. ये ज्यादा सुविधाजनक और सेफ होती हैं।

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