भारतीय परंपराओं और हिन्दू धर्म में पूजा पाठ आदि का बहुत अधिक महत्व होता है और भगवान् को सामग्री आदि अर्पित करने की प्रथा भी है। साथ ही भगवान् को पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में फल फूल चढाने की भी विशेष परम्परा होती है। लेकिन इन पूजन पथ के भी कुछ ऐसे नियम है जो जानने बेहद जरूरी है।

प्रसाद

आज हम आपको जिस एक फल के ना चढ़ाने के बारे में बताने जा रहे हैं असल में उस को चढ़ाने से सुख शांति भंग होती है और घर में बहुत सी अशुभ चीजें भी होती है जो की आपके परिवार के लिए अच्छा नही माना जाता है। तो आईये आपको बताते हैं की आखिर कौन से हैं वो फल जिसका इस्तेमाल भूलकर भी पूजा में प्रसाद के रूप में नहीं करना चाहिए।

प्रसाद

जैसा की आप सभी जानते हैं की सभी धर्मों में केवल एक हिन्दू धर्म ही है जिसमे ख़ास तौर से पूजा के दौरान भगवान को प्रसाद चढ़ाया जाता है और इसमें लोग खासकरके मिठाई और फल आदि का चढ़ावा करते हैं। अब बात करें उस एक फल की जिसे पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में नहीं चढ़ाया जाना चाहिए तो वो फल है नाशपाती।

नाशपाती

जी हाँ, आपको बता दें की पूजा के दौरान आप भले ही केला, सेव, पपीता, अनार, आम आदि प्रसाद के रूप में चढ़ा लें लेकिन भूलकर भी नाशपाती ना चढ़ाएं। ऐसा माना जाता है की यदि आप प्रसाद के रूप में नाशपाती चढाते हैं तो इससे पूजा के दौरान ईश्वर का आशीर्वाद नहीं मिलता है और उल्टा घर परिवार में मुसीबतें आती हैं।

नाशपाती

अब आप ये भी जरूर जानना चाहते होंगें की आखिर नाशपाती में ऐसा क्या है जिसे प्रसाद के रूप में चढ़ाने से मना किया जाता है। आपको बता दें की असल में इस फल का इस्तेमाल पूजा पाठ के दौरान इसलिए नहीं किया जाता है क्यूंकि इस फल का नाम नाशपाती है।

नाशपाती

इस फल के नाम में नाश जुड़ा है इसलिए इस फल का इस्तेमाल देवी देवताओं के पूजा पाठ के दौरान प्रसाद के दौरान करना वर्जित माना जाता है। इसके आलवा आपको बता दें की इस फल को यदि प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है तो इससे ऐसा माना जाता है की घर की शान्ति भंग होती है

नाशपाती

इसके आलवा आपको बता दें की इस फल को पूजा में प्रसाद के रूप में चढ़ाने से घर में पैसों की तंगी का भी सामना आपको करना पड़ सकता है। लिहाजा बेहतर यहीं माना जाता है की इस फल का इस्तेमाल पूजा के दौरान प्रसाद एक रूप में बिल्कुल भी ना करें, इसके बदले आप अन्य सभी फलों को प्रसाद के रूप में चढ़ा सकते हैं।

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