आपने शादी ब्याह में दहेज़ की मांग को लेकर कई तरह की विवाद और घटनाएं देखी सुनी होंगी पर जो मामला हम आज आपको बता रहे है उनसे कहीं न कहीं दहेज़ लोभियों के के लिए एक सीख पेश की है। मामला लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र के खुर्रमनगर का है जहाँ एक दहेज़ लोभी दूल्हे को दुल्हन पक्ष वालों ने ऐसी सजा दी की उसे जिंदगी भर याद रहेगी।

आईये जानते है पूरा मामला, दरअसल खुर्रमनगर के शहीद जियाउल हक पार्क क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार की लड़की का रिश्ता 3 महीने पहले बाराबंकी के धौकलपुरवा के रहने वाले अब्दुल कलाम से तय हुआ था ।

दहेज़ लोभी दूल्हे

लड़की पक्ष आर्थिक रूप से ज्यादा सबल नहीं है और यहां सब्जियां बेचकर गुजारा करते हैं और पार्क के पास ही कच्चा घर बनाकर रहते हैं। एक महीने पहले मंगनी हुई थी और उनके बाद उन्होंने जैसे तैसे निकास के दहेज़ का सामान इकट्ठा किया था।

दहेज़ लोभी दूल्हे

जब बररात घर पहुंची तो दूल्हे को दहेज़ की बाइक पसंद नहीं आयी जिसके बाद बात बिगड़ गयी। दूल्हे और उसके भाई एक ही बात पर अड़ गए कि पल्सर नहीं अपाचे बाइक ही चाहिए। मान-मनौव्वल बढ़ा तो चार तोले सोना के हार की मांग और बढ़ा दी।

दहेज़ लोभी दूल्हे

लड़की पक्ष के लाख कोशिश करने के बाद भी दूल्हे और उसके भाई नहीं माने तो दुल्हन पक्ष ने दहेज लोभियों व उनके रिश्तेदारों को बंधक बना लिया। साथ ही उन्होंने दूल्हे समेत चार लोगों को सिर मुंडन कर दिए। मामला गंभीर होता देख लड़के पक्ष के कुछ लोगों ने मौके पर पुलिस को फ़ोन कर बुला लिया।

दहेज़ लोभी दूल्हे

पुलिस ने बंधक बनाए लोगों को छुड़ाया और इंदिरानगर थाने ले गई। दूल्हे के पक्ष की तरह से थाने में तहरीर दी गयी है की उन्हें बंधक बना कर बदसलूकी की गयी है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।

वहीँ लड़की के पिता का कहना है की इस धमकी के बीच दूल्हा और बाराती शराब के नशे में हंगामा करने लगे। उन्हें समझाया गया कि 85 हजार रुपये खर्च करके खरीदी गई बाइक वापस करके दूसरी लाना संभव नहीं है।

क्या आप जानते है फेरों में दुल्हन को दूल्हे की बांयी तरफ ही क्यों बैठाते हैं!