हिन्दू धर्म में गणेश जी के चिन्ह स्वास्तिक बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हर मंगल कार्य शुरू करने पर पहले स्वास्तिक बनाया जाता है और गणेश भगवान् को याद किया जाता है ताकि कार्य सफल हो सके। स्वास्तिक के साथ पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। लेकिन आपको बता दें इस बेहद महत्वपूर्ण स्वास्तिक को बनाने में अधिकतर लोग गलतियां कर देते है जिससे पूजा करने का फल उतना प्राप्त नहीं होता जितना होना चाहिए। आईये जानते है की स्वास्तिक बनाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

स्वास्तिक

1-स्वस्तिक कभी भी आड़ा-टेढ़ा नहीं बनाना चाहिए. ये चिह्न एकदम सीधा और सुंदर बनाना चाहिए।

स्वास्तिक

2.ध्यान रखें घर में कभी भी उल्टा स्वस्तिक नहीं बनाना चाहिए। उल्टा स्वस्तिक मंदिरों में बनाया जाता है। किसी खास मनोकामना के लिए मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाते हैं।

स्वास्तिक

3.घर में जहां स्वस्तिक बनाना है, वहां बिल्कुल भी गंदगी नहीं होनी चाहिए। वह स्थान एकदम साफ और पवित्र होना चाहिए।

स्वास्तिक

4.स्वस्तिक धनात्मक यानी सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है इसलिए दरवाजे पर स्वस्तिक बनाने से घर में नकारात्मकता प्रवेश नहीं कर पाती है साथ ही दैवीय शक्तियां आकर्षित होती हैं जिससे घर में बरकत बनी रहती है ।

Swastika

5.हमेशा ध्यान रखें वैवाहिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए पूजा में हल्दी से स्वस्तिक बनाना चाहिए और शेष मनोकामनाओं के लिए कुमकुम से स्वस्तिक बनाना चाहिए।

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6.आपको बता दें दरवाजे पर स्वस्तिक बनाने से वास्तुदोष भी दूर हो सकते हैं। तो आप अब आगे से कोई भी पूजन करते है तो बताई गयी बातों को हमेशा ध्यान में रखें ताकि भगवान् की कृपा दृष्टि आप पर बानी रहे और आपकी सभी मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी होंगी।

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