आजकल बच्चों पर जितना पढाई लिखाई का भार है उतना ही कॉम्पिटिशन अच्छे नंबर लाने का भी होता है। महंगी होती शिक्षा में छात्र – छात्राओं पर बढ़िया रिजल्ट लाने का प्रेशर भी बहुत होता है क्योंकि उनके रिजल्ट से न सिर्फ पूरा परिवार उनसे उम्मीद लगाए बैठा होता है बल्कि परीक्षा के बाद अच्छे कॉलेज में दाखिले के लिए भी इसी के ऊपर निर्भर करता है। पहले जहाँ फर्स्ट डिवीज़न लाना एक बड़ी बात मानी जाती थी अब तो 90 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने वाले छात्रों को भी अपना भविष्य सुरक्षित नहीं लगता।

studentsपढाई और अच्छे रिजल्ट लाने की टेंशन में छात्र बहुत ज्यादा डिप्रेशन में चला जाता हैं और आपने बहुत ख़बरें सुनी होंगी जिसमे बच्चे आत्महत्या जैसे बड़े कदम उठा लेते है। परिवार का दवाब और हार बर्दाश्त न कर पाना एक अन्धकार की तरफ ले जाता है।

students ऐसे में परिवार की जिम्मेदारी बनती है की बच्चों को प्रोत्साहित रखे। आज हम आपको जो घटना बता रहे है वो एक ऐसी ही मिसाल है जो हर मान बाप को एक सीख देती है की एक हार पर अपने बच्चे को हतोत्साहित करना ठीक नहीं है बल्कि उनका हौसला बढ़ाना चाहिए।

studentsमध्य प्रदेश में रहने वाले एक बाप ने इस सोच के विपरीत बहुत ही अजीब और अच्छा कम कर दिखाया हैं. दरअसल यहाँ बेटे के 10वीं की परीक्षा में 6 में से 4 विषयों में फेल होने जाने के बाद पिता ने पुरे परिवार में मिठाई बटवाई और आतिशबाजी के साथ जुलुस भी निकला. आइए विस्तार से जाने आखिर इस पिता ने ऐसा क्यों किया.

familyजानकारी  के मुताबिक मध्यप्रदेश के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में 10वीं क्लास में पढ़ने वाला आशु व्यास 6 में से 4 विषयों में फ़ैल हो गया. जब आशु के पिता सुरेन्द्र व्यास को इस बात का पता चला तो उन्होंने अपने बेटे को फटकार लगाने की बजाए पुरे परिवार में मिठाई बटवाई. और तो ओर उसका स्वागत करते हुए आतिशबाजी की और जुलुस भी निकलवाया.

studentsदरअसल सुरेन्द्र ये नहीं चाहते थे कि एग्जाम में कम अंक आने की वजह से उनका बेटा निराश होकर आत्महत्या कर ले. परिजनों को ये डर सता रहा था कि उनका बेटा शायद कम नंबर आने की वजह से सुसाईड कर सकता हैं. ऐसे में उसका मनोबल बढ़ाने के लिए उन्होंने जुलुस निकाला और मिठाइयाँ बटवाई. इस बात से खुश होकर बेटे आशु ने वादा किया हैं कि अगली बार वो और मन लगाकर पढ़ाई करेगा और अच्छे नंबर से पास होकर दिखलाएगा.

studentsआपकी जानकारी के लिए बता दे कि मध्य प्रदेश में कम नंबर आने की वजह से सुसाईड करने के कई केस हो चुके हैं. इसी बात के डर से व्यास परिवार के लोगो ने अपने बच्चे को प्रोत्साहित करने का ये कदम उठाया.

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