भारत में सिख धर्म एक महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से प्रचलित धर्म है। पूरे भारत में सिख धर्म को मानने वाले अनुयायी है। जैसे हिन्दू धर्म में मंदिर होते है , मुस्लिम धार्मिक स्थलों को मस्जिद कहा जाता है ऐसे ही सिख धार्मिक स्थलों को गुरुदवारा कहा जाता है। आज हम आपको भारत में प्रसिद्ध 6 गुरुद्वारों के बारे में बता रहे है जहाँ न सिर्फ सिख धर्म के लोग बल्कि अन्य धर्मों के लोगों की भी खूब मान्यता है।

 Fatehgarh Sahib, Punjab6. फतेहगढ़ साहिब, पंजाब: फतेहगढ़ साहिब पंजाब के फतेहगढ़ जिले में मौजूद है। ऐसी मान्याता है कि वर्ष 1704 में साहिबज़ादा फतेह सिंह और साहिबज़ादा जोरावर सिंह को फौजदार वज़ीर खान के आदेश पर यहां दीवार में जिंदा चिनवा दिया गया था। यह गुरुद्वारा उन्हीं की शहादत की याद में बनाया गया था। गुरुद्वारे की मुख्य विशिष्टता सिख वास्तुकला का नमूना है जिसमें सफ़ेद पत्थर की संरचनाएं एवं स्वर्ण गुंबद है।

Sis Ganj Gurudwara5. सीस गंज गुरुद्वारा, दिल्ली : यह दिल्ली का सबसे पुराना और ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। यह गुरु तेग बहादुर और उनके अनुयायियों को समर्पित है। इसी जगह गुरू तेग बहादुर को मौत की सजा दी गई थी, जब उन्‍होंने मुगल बादशाह औरंगजेब के इस्‍लाम धर्म को अपनाने के प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया था। यह गुरूद्वारा 1930 में बनाया गया था, इस जगह अभी भी एक ट्रंक रखा है, जिससे गुरू जी को मौत के घाट उतार दिया गया था

Paonta Sahib Gurudwara4. गुरुद्वारा पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश: पांवटा साहिब गुरुद्वारा दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी को समर्पित है। यह हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। इसी जगह पर गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने जीवन के चार साल बिताए और इसी जगह पर दशम ग्रन्थ की रचना की। गुरुद्वारे का एक संग्रहालय है, जो गुरु के उपयोग की कलम और अपने समय के हथियारों को दर्शाती है।

Hajur Sahib Gurudwara3. हजूर साहिब गुरुद्वारा, महाराष्ट्र: हजूर साहिब सिखों के 5 तख्तों में से एक है। यह महाराष्ट्र के नान्देड नगर में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। इसमें स्थित गुरुद्वारा ‘सच खण्ड’ कहलाता है। गुरुद्वारे के भीतर के कमरे को अन्गिथा साहिब कहा जाता है। माना जाता है कि इसी स्थान पर 1708 में गुरु गोबिंद सिंह का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराजा रणजीत सिंह के आदेश के बाद इस गुरूद्वारे का निर्माण सन 1832-1837 के बीच हुआ था।

Gurudwara Shri Hemkund Sahib2.गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब, उत्तराखंड: गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब उत्तराखंड के चमोली जिले में है। यह गुरुद्वारा समुद्र स्तर से 4000 मीटर की ऊंचाई पर है। बर्फबारी के कारण यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसे अक्टूबर से अप्रैल तक बंद कर दिया जाता है। यह गुरुद्वारा बेहद सुंदर होने के साथ-साथ एक बहुत ही अच्छी वास्तु कला का भी उदाहरण है।

Gurudwara Harminder Sahib Singh1.गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह, पंजाब : अमृतसर के इस गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब सिंह को श्री दरबार साहिब और स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता हैं। यह गुरुद्वारा बेहद सुंदर होने के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसे भारत के मुख्य दर्शनिक स्थलों में भी गिना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस गुरुद्वारे को बचाने के लिए महाराजा रणजीत सिंह जी ने इसके ऊपरी हिस्से को सोने से ढंक दिया था, इसलिए इसे स्वर्ण मंदिर का नाम भी दिया गया था।

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