जुगाड़ शब्द ही ऐसा अनमोल शब्द है जिसे सुनकर सबसे पहले मन में सवाल आता है कि यार बस जुगाड़ लग जाए तो काम बन ही जाएगा। जिन जगह आज भी टेक्नोलॉजी नहीं है वहां पर आज भी सिर्फ और सिर्फ जुगाड़ से ही काम पूरे हो पाते हैं। वैसे बात जुगाड़ वाले काम की करी जाए तो भला इस काम में भारतीय कैसे पीछे रह सकते हैं वह चुटकी में जुगाड़ कर लेते है। हमारे आधे से ज्यादा काम तो सिर्फ जुगाड़ से ही चलते हैं। बेशक आज दुनिया ने कितनी ही तरक्की क्यों न कर ली हो लेकिन आज भी हम किसी काम को समय से पहले खत्म करने का कोई ना कोई जुगाड़ फिक्स कर ही लेते हैं। वैसे इस बात को कहने में कोई दोराए नहीं होगा कि अगर दुनिया में कभी जुगाड़ के मामले में कोई प्रतियोगिता होती है तो जुगाड़ से सारे अवॉड्र्स हिंदुस्तान के नाम ही दर्ज होंगे।

1.ट्रैफिक सिग्नल पर सबसे जल्दी में बाइक वाले ही होते हैं। लेकिन गर्मी से बचने के इस जुगाड़ के आगे उन्होंने भी हार मान ली।

2.कॉफी बनाने के इस जुगाड़ को तो टेक्रोलॉजी के सामने तो सिलिकॉन वैली के इंजीनियर्स भी पानी भरते हैं।

3.छोटी हाइट वाले लोगों के लिए ये मेक इन इंडिया का जुगाड़ बेहद गजब का है।

4.जुगाड़ तो वैसे काफी हद तक ठीक है लेकिन साइकिल वाले जानब को ये नहीं पता कि चोर दोनों चीजों को उठा कर लेते बनेेंगे।

5.अरे..अरे डारिए मत कूलर में कोई नहीं घुसा है। आप खुद देखिए इनके दिमाग को सलाम है जो एक ही कूलर से दो कमरों में हवा पहुंचने का ऐसा जुगाड़ किया है।

6.वैसे इन भाईसाहब को देखकर तो लगता है लैपटॉप का इससे अच्छा इस्तेमाल हो ही नहीं सकता है।

7.कौन कहता है कि भारतीय रेल की जनरल बोगी में एसी नहीं चलता है।

8.इस साल गर्मी बहुत है सोचा थोड़ा ठंड का आनंद ही ले लूं।

9.सच्चे दोस्त आपको वैसे कभी चेयर की कमी महसूस नहीं होने देंगे।

10.कंपनी वालों से कहा भी था कि बच्चे के लिए आगे एक सीट लगाने को लेकिन नहीं लगाई तो ये जुगाड़ ही काम आ गया।