रायपुर : छत्तीसगढ़ में रमन सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए प्रदेश का मुख्य बजट पेश करेगी। राजनीतिक नजरिए से भी रमन सरकार का बजट अहम माना जा रहा है। चुनावी वर्ष में सरकार की ओर से रियायतों की झड़ी लगेगी। दूसरी ओर चुनावी बजट का आकार भी बढ़ेगा। वित्त विभाग के भारसाधक मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री लगातार अपना 12वां बजट प्रस्तुत करेंगे।

वहीं रमन सरकार का यह पंद्रहवां बजट होगा। इस बार बजट पेश कर सीएम एक तरह से रिकार्ड भी कायम करेंगे। यही वजह है कि बजट को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ा हुआ है। सूत्र दावा करते हैं कि इस बार सरकार ने आम लोगों को रिझाने और राहत देने के मामले में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। बजट में किसानों के अलावा युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं लांच करने का ऐलान हो सकता है। राज्य में यह वर्ग चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने में अहम मानो जाते रहे हैं।

इधर सरकार की कोशिशें आम लोगों को और हर घर को राहत पहुंचाने की हो सकती है। इनमें पेट्रोलियम पदार्थों में वेट टैक्स घटाकर सरकार बड़ा दांव चल सकती है। राज्य में वैट के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान पर हैं। इसे लेकर लगातार सरकार पर हमले होते रहे हैं। सरकार की कोशिश होगी कि चुनावी साल में वैट कम कर महंगाई से राहत दी जाए। विपक्ष भी लगातार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमतें कम होने से भी सरकार पर दबाव बढ़ा है।

इसके अलावा बजट में आदिवासी एवं दलित वर्ग के लिए भी नई योजना लांच हो सकती है। चुनावी बजट होने की वजह से इस बार कोई नया कर नहीं थोपा जाएगा। साथ ही नए सिरे से करों की दर कम करने की भी कवायदें हो सकती है। चुनावी वर्ष के चलते सूबे की नजरें राज्य के मुख्य बजट पर टिकी हुई है। इस बार बजट का आकार भी रिकार्ड 87 हजार करोड़ पार होने के संकेत हैं। इस बार सरकार बड़ी राशि लंबित योजनाओं और अधोसंरचना विकास पर खर्च कर सकती है।

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