देहरादून : मंदिर-मंदिर घूमकर भगवान के दर्शन कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अब देवों के देव महादेव के धाम केदारनाथ जाएंगे। खास बात ये है कि वह केदारनाथ दर्शन के लिए पैदल ही दुर्गम रास्ता नापेंगे। सॉफ्ट हिंदुत्व को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की राह पर कदमताल कर रहे रावत अपने इस कदम के जरिये सरकार पर हार्ड हिटिंग की तैयारी में हैं तो हाईकमान के लिए भी तकरीबन साफ संदेश है कि आम चुनाव में उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ में नई केदारपुरी के निर्माण कार्यों का शिलान्यास कर चुके हैं, ऐसे में केदारनाथ जाने और वहां बीते एक साल में राज्य सरकार की ओर से कराए गए कार्यों का जायजा लेने की बात उछालकर रावत एक तीर से कई निशाने साधने में जुट गए हैं। मोदी लहर ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सियासी अरमानों पर भले ही पानी फेर दिया हो, लेकिन संघर्षों के बूते आगे बढऩे के मामले में अलग पहचान कायम कर चुके रावत अब पार्टी के भीतर और बाहर यह जताने में शिद्दत से जुटे हैं कि वह आसानी से मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं।

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